कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 'बिल्डिंग ए सेल्फ एंड रिलाएंट इंडिया' पुस्तक का विमोचन, डॉ. धर्मवीर ने संभाला पद

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 'बिल्डिंग ए सेल्फ एंड रिलाएंट इंडिया' पुस्तक का विमोचन, डॉ. धर्मवीर ने संभाला पद

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हाल ही में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में पुस्तक विमोचन, नए निदेशक की नियुक्ति और अमेरिका से आए पूर्व छात्र का विशेष व्याख्यान शामिल रहा है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मंगलवार को बिल्डिंग ए सेल्फ एंड रिलाएंट इंडियाः ए स्वदेशी पर्सपेक्टिव पुस्तक का विमोचन किया है। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं और मुलाकातें भी संपन्न हुईं।

पुस्तक का विमोचन और मुख्य विषय

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मंगलवार को बिल्डिंग ए सेल्फ एंड रिलाएंट इंडियाः ए स्वदेशी पर्सपेक्टिव पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया है। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि इस पुस्तक में भारत की आत्मनिर्भरता, स्वदेशी चिंतन, सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास की अवधारणा पर विभिन्न विद्वानों के शोधपरक विचार प्रस्तुत किए गए हैं। पुस्तक में स्वदेशी दर्शन के दार्शनिक एवं ऐतिहासिक आधार, भारतीय ज्ञान एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, स्वास्थ्य एवं कल्याण, उद्यमिता, सतत आर्थिक विकास, सुशासन, नवाचार तथा रणनीतिक आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इस पुस्तक के संपादक प्रो. सोमनाथ सचदेवा, प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. आनंद कुमार, तारा चंद एवं डॉ. सुखबीर सिंह हैं।

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इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि भारत की पारंपरिक ज्ञान-परंपराओं और आधुनिक विकास नीतियों के समन्वय से ही देश आत्मनिर्भरता की दिशा में और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह पुस्तक शोधार्थियों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, नीति-निर्माताओं तथा स्वदेशी एवं आत्मनिर्भर भारत के विषय में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक उपयोगी संसाधन सिद्ध होगी। इस अवसर पर पुस्तक के संपादक तारा चंद एवं डॉ. सुखबीर सिंह भी उपस्थित रहे।

डॉ. धर्मवीर ने संभाला एमजीएआईएस के नए निदेशक का कार्यभार

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के महात्मा गांधी ऑल इंडिया सर्विसेज कोचिंग इंस्टीट्यूट के नवनियुक्त निदेशक एवं इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर ने एमजीएआईएस के उप-निदेशक डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता के साथ कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा से शिष्टाचार भेंट की है। इस अवसर पर डॉ. धर्मवीर ने उन्हें एमजीएआईएस निदेशक नियुक्त करने पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह दायित्व उनके लिए गर्व एवं सम्मान का विषय है। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने डॉ. धर्मवीर को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एमजीएआईएस को और अधिक सशक्त बनाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जाएगा।

डॉ. धर्मवीर ने एचसीएस मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए विशेष इंटरव्यू कार्यशाला आयोजित करने की घोषणा की है। इस कार्यशाला में लगभग 50 अभ्यर्थियों को अनुभवी अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछली एचसीएस परीक्षा में एमजीएआईएस से जुड़े 21 अभ्यर्थियों का हरियाणा सिविल सेवा की अंतिम सूची में चयन हुआ था।

पूर्व छात्र और अमेरिका के सांता क्लारा के वाइस मेयर राज चहल की कुलगुरु से मुलाकात

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं सांता क्लारा, कैलिफोर्निया, अमेरिका के वाइस मेयर राज चहल ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा से शिष्टाचार भेंट की है। इस दौरान दोनों के बीच विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, पूर्व छात्रों की भूमिका तथा युवाओं को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के अवसरों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने राज चहल का कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संस्थान की उपलब्धियों और पहचान के महत्वपूर्ण वाहक हैं। उन्होंने कहा कि कुवि के पूर्व छात्र देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने राज चहल की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी जीवन यात्रा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। पूर्व छात्र राज चहल ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने उनके व्यक्तित्व और व्यावसायिक सोच को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा को विश्वविद्यालय में किए जा रहे शैक्षणिक, शोध एवं विद्यार्थी-केंद्रित कार्यों के लिए बधाई दी तथा विश्वविद्यालय के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रबंधन संस्थान के अध्यक्ष प्रो. अनिल मित्तल, डॉ. सौरभ चौधरी उपस्थित रहे।

राज चहल का एमबीए विद्यार्थियों के साथ विशेष संवादात्मक सत्र

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय प्रबंधन संस्थान द्वारा एलुमनी स्पीक्स-गेस्ट लेक्चर सीरीज के तहत एक विशेष संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया है। संस्थान के पूर्व छात्र एवं सांता क्लारा के वाइस मेयर राज चहल ने एमबीए अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन, कॉर्पाेरेट अनुभव, उद्यमिता और सार्वजनिक नेतृत्व की प्रेरक यात्रा साझा की है। वर्ष 1988-90 बैच के पूर्व छात्र राज चहल ने कहा कि एमबीए केवल एक डिग्री नहीं, बल्कि जीवन की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि शिक्षा से प्राप्त ज्ञान का उपयोग केवल नौकरी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने में सहायक होता है।

राज चहल ने बताया कि जीवन में कई चुनौतियों और असफलताओं का सामना करने के बावजूद उन्होंने आगे बढ़ना नहीं छोड़ा है। वर्ष 1995 में मात्र 500 अमेरिकी डॉलर के साथ अमेरिका पहुंचने के बाद उन्होंने लॉकहीड मार्टिन में क्वालिटी कंट्रोल इंजीनियर के रूप में कार्य किया है। इसके बाद वर्ष 2005 में उन्होंने जेनस्टोर सिस्टम्स की स्थापना कर उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखा और निरंतर प्रयासों के बल पर सफलता हासिल की है। श्री चहल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि असफलताओं को जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई दिशा और अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने निरंतर सीखते रहने, परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने, नए अवसरों को पहचानने और सोच-समझकर जोखिम लेने की आवश्यकता पर बल दिया है। यूएसएम के अध्यक्ष प्रो. अनिल मित्तल ने राज चहल का अपने अल्मा मेटर से जुड़कर युवा विद्यार्थियों के साथ अनुभव साझा करने के लिए आभार व्यक्त किया है।

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