कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी में छात्र प्रेरक कार्यक्रम आयोजित, ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने युवाओं को दिया विशेष व्याख्यान

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी में छात्र प्रेरक कार्यक्रम आयोजित, ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने युवाओं को दिया विशेष व्याख्यान

कॉग्निटिव वार से दूर रहें युवा विद्यार्थीः डॉ. राज नेहरू

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उद्यमिता की भावना के साथ विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में दें योगदानः प्रो. सोमनाथ सचदेवा**

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कुवि यूआईईटी में छात्र प्रेरक कार्यक्रम आयोजित**

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कुरुक्षेत्र /15 अगस्त 2026 /अटल हिन्द समाचार सहयोगी /शशि अरोड़ा**

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में चल रहे छात्र प्रेरक कार्यक्रम के अंतर्गत ’’‘युवाओं की भूमिका, सोच और राष्ट्र शक्ति’’’ विषय पर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने विशेष व्याख्यान दिया।

उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से संचालित हो रहे ’’कॉग्निटिव वार’’ के प्रति सचेत रहने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं की सोच और मानसिकता को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को किसी भी सूचना को बिना जांचे-परखे स्वीकार नहीं करना चाहिए तथा तर्कपूर्ण एवं सकारात्मक सोच विकसित करनी चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया पर उपलब्ध सूचनाओं की सत्यता की जांच करें, भ्रामक एवं नकारात्मक सामग्री से बचें तथा अपनी सोच को तार्किक, सकारात्मक और राष्ट्रहित से जोड़कर रखें।

मुख्य अतिथि डॉ. राज नेहरू ने ’’‘राष्ट्र निर्माण’’’ विषय पर अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक, विशेष रूप से युवाओं की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सशक्त भारत की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश को मजबूत और विकसित बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने भारत की प्रगति के विभिन्न क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन निरंतर विकास के लिए अभी भी कई क्षेत्रों में मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।

मुख्य अतिथि का संबोधन पूरी तरह संवादात्मक रहा। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र के विकास, राष्ट्र निर्माण, उनकी आकांक्षाओं तथा देश की प्रगति में उनके योगदान से जुड़े प्रश्न पूछे। डॉ. राज नेहरू ने युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा, संख्या और आधुनिक तकनीक तक पहुंच के कारण देश के भविष्य को दिशा देने की अपार क्षमता रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं को केवल देश की प्रगति का लाभार्थी न समझें, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनें। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उनमें ’’उद्यमिता की भावना विकसित करने’’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर विकल्पों तक सीमित न रहकर स्वयं के उद्यम स्थापित करने और रोजगार देने वाले बनने की दिशा में भी सोचना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय एवं यूआईईटी की उपलब्धियों और महत्वपूर्ण पड़ावों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अपने संस्थान पर गर्व करने तथा इसकी निरंतर प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, उद्यमिता, कौशल विकास और नेतृत्व के अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाकर अपने भविष्य के साथ-साथ राष्ट्र के विकास में भी योगदान देने का आह्वान किया।

अपने स्वागत संबोधन में प्रो. सुनील ढींगरा ने कुलगुरु  एवं मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए उनके कार्यों एवं उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सफल व्यक्तित्वों के अनुभवों से प्रेरणा लेकर अपने व्यक्तित्व एवं करियर का निर्माण करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में प्रो. सुनील ढींगरा ने मुख्य अतिथि डॉ. राज नेहरू का विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करने और उनसे सीधे संवाद करने के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. राजेश अग्निहोत्री ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. दीप्ति चौधरी, डॉ. प्रियंका जांगड़ा, डॉ. पवन दीवान, डॉ. पूनम, डॉ. उर्मिला, डॉ. दीपक सूद, एकता, दीपक शर्मा, हरिकेश पपोसा, वीजेंद्र कुंडू सहित विश्वविद्यालय एवं यूआईटी के शिक्षक उपस्थित रहे।

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