कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डॉ. आशीष अनेजा को मिला फैलोशिप सम्मान, प्रो. बीएस चौधरी और प्रो. सुनील ढींगरा की उपलब्दियां

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से जुड़ी प्रमुख जानकारियों के अनुसार, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के प्रशासक एवं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष अनेजा को प्रतिष्ठित 'फैलोशिप इन डायबिटीज एंड कार्डियो मेटाबोलिक प्रैक्टिस-2026' से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूभौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं अध्यक्ष प्रो. बी.एस. चौधरी को नेपाल भूवैज्ञानिक सोसायटी के जर्नल का संपादक नियुक्त किया गया है और यूआईईटी में छात्र प्रेरणा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है।
डॉ. आशीष अनेजा को मिला विराट सम्मान
आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और निःस्वार्थ भाव से चिकित्सा सेवा करने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के प्रशासक एवं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष अनेजा को प्रतिष्ठित 'फैलोशिप इन डायबिटीज एंड कार्डियो मेटाबोलिक प्रैक्टिस-2026' से सम्मानित किया गया। ऑल इंडिया डायबिटीज एवं कार्डियो मेटाबोलिक एसोसिएशन के भव्य समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। विशेष बात यह रही कि इस फैलोशिप के लिए हरियाणा से डॉ. आशीष अनेजा एकमात्र चिकित्सक चुने गए।
डॉ. अनेजा की इस उपलब्धि पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि आमजन की सेवा के प्रति डॉ. अनेजा का समर्पण और निरंतर प्रयास अनुकरणीय है। डॉ. अनेजा को मधुमेह एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर उपचार एवं स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष रूप से सराहा गया। वे पिछले कई वर्षों में 1100 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर चुके हैं। इन शिविरों में जरूरतमंद लोगों को रक्त जांच, शुगर, अस्थि घनत्व, ईसीजी, श्वसन क्षमता, न्यूरोपैथी तथा कैंसर जैसी विभिन्न स्वास्थ्य जांच सुविधाएं विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहायता से निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
डॉ. आशीष अनेजा को मिल चुके हैं कई सम्मान
डॉ. आशीष अनेजा को इससे पूर्व आरएसएसडीआई का ‘बेस्ट डॉक्टर इन डायबिटीज केयर अवॉर्ड’, जीएपीआईओ लीडरशिप अवॉर्ड, उन्नत भारत सर्वश्री हेल्थ रत्न अवॉर्ड तथा 'आइकॉनिक पर्सनैलिटी अवॉर्ड' सहित कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। वे मधुमेह एवं स्वास्थ्य संबंधी अनुसंधान कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 'लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में भी स्थान मिला है तथा वे ‘फैलोशिप इन डायबिटीज’ से भी सम्मानित हो चुके हैं।
प्रो. बी.एस. चौधरी बने नेपाल भूवैज्ञानिक सोसायटी के जर्नल के संपादक
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूभौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं अध्यक्ष तथा भूकंप विज्ञान उन्नत अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. बी.एस. चौधरी को नेपाल भूवैज्ञानिक सोसायटी द्वारा प्रकाशित 'जर्नल ऑफ नेपाल जियोलॉजिकल सोसायटी' के संपादकीय मंडल में संपादक नियुक्त किया गया है। नेपाल जियोलॉजिकल सोसायटी के अध्यक्ष भास्कर खतिवड़ा की ओर से की गई यह नियुक्ति दो वर्ष के लिए की गई है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने प्रो. बीएस चौधरी को इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक दायित्व के लिए बधाई दी और कहा कि यह नियुक्ति विश्वविद्यालय की शोध गुणवत्ता एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगी।
प्रो. बीएस चौधरी को शिक्षण, शोध एवं शैक्षणिक प्रशासन का 36 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उनके 100 से अधिक शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। वे भू-स्थानिक तकनीक, जल संसाधन, आपदा एवं पर्यावरण प्रबंधन, जल-भूभौतिकी तथा निकट सतही भूभौतिकी के विशेषज्ञ हैं। प्रो. चौधरी चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी के संस्थापक कुलसचिव तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें जर्मनी की फ्राईबर्ग विश्वविद्यालय में डीएएडी छात्रवृत्ति, 18वें आईएसपीआरएस सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र पुरस्कार तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का 'सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता (सहयोग)-2022' पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। उन्होंने 14 शोधार्थियों को पीएचडी तथा 45 से अधिक एम.टेक. शोध प्रबंधों का सफल मार्गदर्शन किया है।
इंजीनियरिंग केवल डिग्री नहीं, समस्या समाधान और नवाचार का माध्यमः प्रो. सुनील ढींगरा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए 'छात्र प्रेरणा कार्यक्रम' का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी एवं यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् राष्ट्रगीत के साथ हुआ। प्रो. सुनील ढींगरा ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समस्या समाधान, नवाचार और समाज के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित करने का क्षेत्र है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, कड़ी मेहनत और समय प्रबंधन को सफलता का आधार बताते हुए विश्वविद्यालय में उपलब्ध प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, प्लेसमेंट सेल तथा विभिन्न तकनीकी क्लबों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान यूआईईटी के वरिष्ठ शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों, परीक्षा प्रणाली, आचार संहिता, एंटी-रैगिंग नियमों तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी। छात्र प्रेरणा कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. सविता ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। एप्लाइड साइंसेज विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेश अग्निहोत्री, डॉ. पूनम डब्बास, डॉ. विशाल अहलावत, डॉ. दीपक सूद, विजय गर्ग तथा डॉ. दीपक मलिक ने अपने-अपने विभागों से संबंधित जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की। कार्यक्रम का मंच संचालन विद्यार्थियों श्रुति और विशाल ने किया।