कुरुक्षेत्र में बाल कल्याण विभाग और राज्य अपराध शाखा की बड़ी सफलता, लापता बच्चे को परिजनों से मिलवाया

कुरुक्षेत्र, 8 सितम्बर। कुरुक्षेत्र बाल कल्याण विभाग एवं राज्य अपराध शाखा के संयुक्त प्रयासों से एक लापता बच्चे को उसके परिजनों से मिलवाने में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। यह मामला कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का है।
बाल कल्याण विभाग के अध्यक्ष ने बताया कि 27 जनवरी 2022 को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र थाना पुलिस द्वारा एक लावारिस बच्चे की सूचना दी गई थी। बच्चे ने अपना नाम सावन बताया था। इस बच्चे की अनुमानित आयु 10 से 12 वर्ष थी।
बच्चे की देखभाल और सुरक्षा
बच्चे की देखभाल एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया था। समिति एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा बच्चे की समुचित देखभाल की गई। इसके साथ-साथ उसकी पढ़ाई की भी सुचारू व्यवस्था की गई थी।
आधार कार्ड से हुआ बड़ा खुलासा
बच्चे की पहचान सुनिश्चित करने के लिए जब उसका आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई तो बड़ा खुलासा हुआ। आधार केंद्र से जानकारी मिली कि बच्चे का आधार कार्ड पहले से ही बना हुआ था। आधार कार्ड में दर्ज पते की जांच करने पर पता चला कि बच्चा हरिद्वार का रहने वाला है।
हरिद्वार के परिजनों से संपर्क
इसके बाद राज्य अपराध शाखा, कुरुक्षेत्र के सहयोग से हरिद्वार बाल कल्याण विभाग एवं संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया। बाल कल्याण विभाग, कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष श्री राजीव, सदस्य श्रीमती सोनिया कौशिक, श्रीमती मंजुला गोयल, श्रीमती नीलम, इंचार्ज एएचटीयू तथा हरिद्वार बाल कल्याण समिति के सहयोग से बच्चे के परिजनों की पहचान सुनिश्चित की गई। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।
विभागों का आपसी समन्वय
बाल कल्याण विभाग, कुरुक्षेत्र तथा राज्य अपराध शाखा के इस सामूहिक प्रयास से लंबे समय से लापता बच्चे को उसके परिवार से मिलाने में सफलता मिली है। इस प्रयास ने बाल संरक्षण एवं पुनर्वास की दिशा में विभागों के आपसी समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया है।