कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस पर 'बेस्ट रिसर्च अवार्ड' की घोषणा, कई प्रोफेसरों को मिला सम्मान

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बेस्ट रिसर्च अवार्ड-2025 की घोषणा की है। यह पुरस्कार शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले शिक्षकों को दिया जाएगा।
- कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शिक्षकों को किसी भी शैक्षणिक संस्थान की आधारशिला बताया है।
- विश्वविद्यालय में शोध और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की गई है।
- विभिन्न विभागों के प्रतिष्ठित प्रोफेसरों को उनके शोध कार्य के लिए सम्मानित किया गया है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शोध की महत्ता
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि शिक्षक किसी भी शैक्षणिक संस्थान की आधारशिला होते हैं। उनका मानना है कि शोध में उत्कृष्टता विश्वविद्यालय की वैश्विक अकादमिक प्रतिष्ठा को मजबूत करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने आगे बताया कि शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को सम्मानित करने का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में शोध, अंतर्विषयक नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता की एक सशक्त संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल विकसित भारत के विजन के अनुरूप विश्वविद्यालय के योगदान को और अधिक मजबूत करेगी।
पुरस्कारों का चयन और आधार
चयन समिति के संयोजक और अधिष्ठाता (शोध एवं विकास), प्रो. संजीव अग्रवाल ने जानकारी दी कि इन पुरस्कारों के लिए शिक्षकों का चयन विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के आधार पर किया गया है। इसमें पेटेंट, उच्च प्रभाव वाली शोध-पत्रिकाओं में प्रकाशन, शोध परियोजनाएं, परामर्श सेवाएं और अकादमिक सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
सम्मानित होने वाले शिक्षकों की सूची
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
बायोटेक्नोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र शर्मा को 'बेस्ट रिसर्चर: एच-इंडेक्स' अवार्ड मिला है। यूआईईटी (UIET) के सहायक प्रोफेसर डॉ. विशाल अहलावत को पेटेंट के लिए चुना गया है। रसायन विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. नीरा राघव को 'बेस्ट रिसर्चर: इम्पैक्ट फैक्टर' अवार्ड दिया गया है। फिजिक्स विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. संजीव अग्रवाल को 'बेस्ट रिसर्चर-पब्लिकेशन (विज्ञान)' अवार्ड के लिए चुना गया गया है।
इसके अलावा, अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर डॉ. अर्चना चौधरी को 'बेस्ट रिसर्चर: पब्लिकेशन (नॉन-साइंसेज)' अवार्ड मिला है। फिजिक्स विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुमन मेहंदिया को 'बेस्ट रिसर्चर: प्रोजेक्ट्स (साइंसेज)' अवार्ड मिला है। यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय सोलखे को 'बेस्ट रिसर्चर प्रोजेक्ट्स (नॉन-साइंसेज)' अवार्ड दिया गया है। जियोफिजिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आर.बी.एस. यादव को 'कंसल्टेंसी (साइंसेज)' अवार्ड मिला है और माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार को 'बेस्ट रिसर्चर: कोलेबोरेशन अवार्ड' के लिए चयनित किया गया है।