लाडवा में भारत विकास परिषद ने मनाया प्रेरणादायी समारोह, 20 शिक्षकों और 40 विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

लाडवा में भारत विकास परिषद ने मनाया प्रेरणादायी समारोह, 20 शिक्षकों और 40 विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

[email protected]: लाडवा में भारत विकास परिषद की ओर से गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस प्रेरणादायी समारोह में 20 शिक्षकों और 40 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुनील गर्ग ने शिरकत की। परिषद अध्यक्ष राजीव आर्य ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। समारोह के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों के सम्मान के साथ-साथ गुरु-शिष्य परंपरा एवं भारतीय संस्कारों का संदेश दिया गया।

शिक्षकों और विद्यार्थियों का सम्मान

प्रकल्प प्रमुख साहिल अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 20 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। वहीं विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन एवं उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 40 विद्यार्थियों का अभिनंदन किया गया। समारोह में शिक्षकों, विद्यार्थियों और परिषद सदस्यों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सम्मानित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने परिषद का आभार व्यक्त किया।

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सामाजिक और राष्ट्रहित की गतिविधियां

भारत विकास परिषद के प्रांतीय संगठन सचिव अरविंद सिंघल ने परिषद की ओर से देशभर में संचालित विभिन्न सामाजिक एवं राष्ट्रहित की गतिविधियों की पूरी जानकारी दी। उन्होंने गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन कार्यक्रम की परिकल्पना और इसके उद्देश्यों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि सुनील गर्ग ने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन विद्यार्थी के जीवन को सही दिशा प्रदान करता है और भारत विकास परिषद ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत कर रही है।

वक्ताओं के प्रेरणादायी विचार

जाने-माने शिक्षाविद तिलक राज गुप्ता ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत, अनुशासन, संस्कार और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी हैं। शिक्षक समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों का सदैव सम्मान करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि हरनेक सिंह ने कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा प्रदान नहीं करते, बल्कि चरित्र निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं। साहिल सिंघल ने गुरु-शिष्य परंपरा पर विचार रखे और परिषद अध्यक्ष राजीव आर्य ने कहा कि विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार विकसित करना परिषद का प्रमुख उद्देश्य है।

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