लाडवा के गोगामेड़ी मंदिर में जाहरवीर गोगाजी महाराज के तीन दिवसीय मेले की तैयारियां तेज

जाहरवीर गोगाजी के मेले को लेकर गोगामेड़ी मंदिर में तैयारियां तेज
21 से 23 सितंबर तक लगेगा तीन दिवसीय मेला, 18 सितंबर को बीरे की चक्की के पास लगाया जाएगा गोगाजी महाराज का बसेरा
मानव गर्ग /लाडवा /13 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
लाडवा शहर की प्राचीन गोगामेड़ी में जाहरवीर गोगाजी महाराज के तीन दिवसीय मेले को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, श्रद्धालुओं की सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 21, 22 और 23 सितंबर को गोगामेड़ी मंदिर परिसर में मेला आयोजित होगा। इसमें लाडवा शहर के अलावा आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
गोगामेड़ी मंदिर में मेले की तैयारियां और मुख्य तिथियां
मंदिर के पुजारी अशोक कुमार ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की जाहरवीर गोगाजी महाराज में गहरी आस्था है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष गोगामेड़ी मंदिर परिसर में मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार भी मंदिर परिसर की सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर को बीरे की चक्की के पास जाहरवीर गोगाजी महाराज का बसेरा लगाया जाएगा। इसके बाद 21 सितंबर से मंदिर परिसर में तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ होगा। तीनों दिन श्रद्धालु गोगाजी महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे और अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना करेंगे।
लोक देवता के रूप में पूजे जाते हैं जाहरवीर गोगाजी
पुजारी अशोक कुमार ने बताया कि लोक आस्था में जाहरवीर गोगाजी को लोक देवता, वीर योद्धा और नागों के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि गोगाजी महाराज अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। विशेष रूप से सर्पदंश और जहरीले जीवों से रक्षा करने वाले देवता के रूप में भी उनकी पूजा की जाती है। राजस्थान के गोगामेड़ी में स्थित उनका समाधि स्थल देशभर में प्रसिद्ध है, जहां प्रतिवर्ष भाद्रपद के दौरान विशाल मेले का आयोजन होता है। उन्होंने कहा कि गोगाजी महाराज की लोकमान्यता केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी वीरता, त्याग और जन रक्षक की छवि भी लोगों को उनसे जोड़ती है। हिंदू समाज में उन्हें जाहरवीर गोगाजी तथा मुस्लिम समाज में जाहर पीर के नाम से श्रद्धा से याद किया जाता है।
मेले के दौरान तीनों दिन लगेगा भंडारा
पुजारी अशोक कुमार ने बताया कि मेले के दौरान तीनों दिन दोपहर के समय भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं भोजन वितरित किया जाएगा। मंदिर कमेटी और सेवादारों की ओर से भंडारे सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से मेले में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर जाहरवीर गोगाजी महाराज के दर्शन करने और धार्मिक परंपरा में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गोगामेड़ी लाडवा की प्राचीन धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां आयोजित होने वाला मेला लोगों को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का काम करता है।