लाडवा में 27वें दिन भी जारी रही नगर पालिका और दमकल कर्मचारियों की हड़ताल, हरियाणा सरकार का पुतला फूंका

27वें दिन भी जारी रही लाडवा नगर पालिका व दमकल कर्मचारियों की हड़ताल
हरियाणा सरकार का पुतला फूंका, कर्मचारियों ने की जमकर नारेबाजी
लाडवा/मानव गर्ग /01 सितंबर 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
लाडवा में नगर पालिका और दमकल कर्मचारियों की हड़ताल 27वें दिन भी जारी रही।लाडवा नगर पालिका कार्यालय के गेट पर मंगलवार को नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने सरकार का पुतला दहन कर रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए 13 मई 2026 को हुए द्विपक्षीय समझौते को पूरी तरह लागू करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि 6 अगस्त से चल रही राज्यव्यापी हड़ताल मंगलवार को 27वें दिन भी जारी रही। प्रदर्शन की अध्यक्षता इकाई वरिष्ठ उपप्रधान सरवन सिंह व फायर ब्लॉक प्रधान राकेश कुमार ने की, जबकि मंच संचालन इकाई सचिव राजकुमार ने किया।
हड़ताल और मांगों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया
राज्य सचिव मंजीत भुल्लर ने कहा कि 6 अगस्त से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। 13 मई को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन्हें बिना किसी शर्त लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मांगों को लागू करने के बजाय उनसे बचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हड़ताल को 2 सितंबर तक बढ़ाया गया है। इसके बाद भी सरकार ने मांगें नहीं मानी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि 31 अगस्त को सरकार ने कर्मचारी नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन बैठक के दौरान उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में और रोष बढ़ गया है।
स्थायी नीति और मानदेय को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के ब्लॉक प्रधान तरसेम ने कहा कि सरकार का कर्मचारियों के प्रति रवैया ठीक नहीं है। सभी नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगमों में डोर-टू-डोर सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए अभी तक स्थायी नौकरी की ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रुप-डी के पदों में भी सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होने से उनके भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनानी चाहिए। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने नियमितीकरण की मांग के स्थान पर जॉब सिक्योरिटी का पत्र जारी किया है, जबकि जॉब सिक्योरिटी किसी भी स्थिति में नियमित सरकारी नौकरी का विकल्प नहीं हो सकती। वहीं उपप्रधान रानी देवी ने कहा कि ठेकेदार के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से सिटी लाडवा के सफाई कर्मचारियों के लिए 15,200 रुपये मासिक वेतन की घोषणा की गई थी, लेकिन लाडवा में कर्मचारियों को 9,000 रुपये ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी और कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मौके पर सरवन, राजकुमार, ललित, अमित, परमजीत, ऋषिपाल, मंजीत, सुनीता, कुलदीप, सतबीर, राजबीर, अभिनव, यशविंदर आदि मौजूद रहे।