लाडवा में 22 दिन की हड़ताल के बाद कूड़े के ढेर हटाने पहुंचा प्रशासन, विरोध करने पर 40 सफाई कर्मचारी हिरासत में लिए गए

लाडवा में 22 दिन से लगे कूड़े के ढेर उठाने पहुंचा प्रशासन, सफाई कर्मचारियों ने किया विरोध
ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर करीब 40 कर्मचारी हिरासत में, पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से शुरू हुई सफाई
मानव गर्ग/लाडवा /27 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
शहर में पिछले 22 दिनों से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जगह-जगह जमा कूड़े के ढेर को उठाने के लिए गुरुवार को नगर पालिका प्रशासन ने अभियान शुरू किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार बलकार सिंह की निगरानी में लाडवा पुलिस प्रशासन की मदद से जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से शहर के विभिन्न स्थानों से कूड़ा उठाने का काम शुरू किया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारी तहसील रोड पर पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई का विरोध किया। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट बलकार सिंह के आदेश पर करीब 40 सफाई कर्मचारियों को हिरासत में लेकर बस के माध्यम से लाडवा थाने पहुंचाया। इसके बाद प्रशासन की देखरेख में कूड़ा उठाने का काम जारी रखा गया।
11 से अधिक स्थानों पर जमा हैं कूड़े के ढेर
लाडवा नगर पालिका के सचिव नीरज सैनी ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पिछले 22 दिनों से शहर के कई हिस्सों में कूड़ा जमा है। शहर में 11 से अधिक स्थानों पर कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। इसी को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में कूड़ा उठाने का कार्य शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ओर से किसी कर्मचारी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया गया। जब कर्मचारियों द्वारा कूड़ा उठाने के कार्य में बाधा डाली गई तो पुलिस बल की मदद से उन्हें रोकने का प्रयास किया गया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर उन्हें हिरासत में लिया गया।
‘मांगें मानें तो दो घंटे में साफ कर देंगे पूरा शहर’
सफाई कर्मचारियों की इकाई के प्रधान तरसेम ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जिस तरह जबरदस्ती सफाई करवाने का प्रयास किया जा रहा है, वह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कोई विवाद नहीं है और उनकी लड़ाई केवल अपनी मांगों को लेकर सरकार के साथ है। तरसेम ने कहा कि यदि सरकार कर्मचारियों की मांगें मान ले तो सभी कर्मचारी मिलकर महज दो घंटे में पूरे शहर को साफ-सुथरा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी सफाई व्यवस्था को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझते हैं, लेकिन सरकार के रवैये के कारण उन्हें हड़ताल करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों के प्रति अपनाया जा रहा रवैया आने वाले समय में सरकार के लिए भारी पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार डंडे के जोर पर कर्मचारियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे कर्मचारी स्वीकार नहीं करेंगे। कार्रवाई के दौरान तहसील रोड पर काफी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। प्रशासन द्वारा जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से शहर के अलग-अलग स्थानों से कूड़ा उठाने का कार्य जारी रखा गया।