लाडवा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 33वें दिन भी जारी, 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में होगी महापंचायत

लाडवा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 33वें दिन भी जारी, 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में होगी महापंचायत

33 दिन से लाडवा में चल रही सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल, अब 13 सितंबर को कुरूक्षेत्र में होगी महापंचायत
कर्मचारियों ने सरकार पर समझौते से पीछे हटने के लगाए आरोप, कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष

लाडवा/मानव गर्ग /07 सितंबर  2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

लाडवा में नगर पालिका और दमकल विभाग के कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल सोमवार को 33वें दिन भी जारी रही। लाडवा में कर्मचारियों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस हड़ताल की अध्यक्षता इकाई प्रधान तरसेम व फायर विभाग के ब्लॉक उपप्रधान हाकम सिंह ने संयुक्त रूप से की। इस पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन कुलदीप द्वारा किया गया।

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13 मई के समझौते को लागू करने की मांग

राज्य सचिव मंजीत भुल्लर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों ने 6 अगस्त से यह हड़ताल शुरू की थी। उन्होंने कहा कि 13 मई को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच एक द्विपक्षीय समझौता हुआ था। इस समझौते में जिन प्रमुख मांगों पर आपसी सहमति बनी थी, उन्हें बिना किसी शर्त के तुरंत लागू करवाने के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार मांगों को जमीन पर लागू करने के बजाय केवल पत्र जारी करके अपनी जिम्मेदारी से भागने का प्रयास कर रही है।

वार्ता के दौरान गलत व्यवहार का आरोप

मंजीत भुल्लर ने आगे बताया कि 31 अगस्त को सरकार के साथ बातचीत करने के लिए कर्मचारी नेताओं को बुलाया गया था। लेकिन बैठक के दौरान कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर बहुत गलत व्यवहार किया गया। इस घटना के बाद से कर्मचारियों के मन में सरकार के प्रति नाराजगी और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही सभी मांगों को लागू नहीं किया तो इस आंदोलन को और अधिक तेज कर दिया जाएगा।

जॉब सिक्योरिटी नियमित नौकरी का विकल्प नहीं

ब्लॉक प्रधान तरसेम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 13 मई के समझौते को लागू करने के बजाय सरकार ने नियमितीकरण की मांग के स्थान पर केवल जॉब सिक्योरिटी का पत्र जारी किया है। उन्होंने कहा कि यह जॉब सिक्योरिटी किसी भी स्थिति में पक्की यानी नियमित सरकारी नौकरी का विकल्प बिल्कुल भी नहीं हो सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इस समझौते को पूरी तरह से लागू करे और कर्मचारियों की सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की स्थायी भर्ती नहीं होने के कारण उनका भविष्य पूरी तरह से असुरक्षित बना हुआ है।

ग्रुप-डी में नियुक्ति नहीं मिलने पर रोष और अन्य समर्थन

कर्मचारियों ने सरकार पर यह भी बड़ा आरोप लगाया कि ग्रुप-डी के पदों में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार को सफाई कर्मचारियों के लिए एक स्थायी नीति बनानी चाहिए। इस बीच, धरना स्थल पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और पब्लिक Health के कर्मचारियों ने भी पहुंचकर इस हड़ताल को अपना पूरा समर्थन दिया। इस धरना प्रदर्शन के दौरान श्रवण सिंह, सुरेश गुड़ा, सुरेश, सरवन, राज कुमार, ललित, अमित, परमजीत, ऋषिपाल, मंजीत, तरसेम कुमार, सुनीता, कुलदीप, सतबीर, राजबीर, अभिनव और यशविन्द्र सहित अनेक लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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