पूर्व विधायक लाला गौरीशंकर की प्रतिमा नारी शिक्षा के महान संकल्प का स्मारक : पंडित मेहरचंद मुदगिल

पूर्व विधायक लाला गौरीशंकर की प्रतिमा नारी शिक्षा के महान संकल्प का स्मारक : पंडित मेहरचंद मुदगिल

पूर्व विधायक लाला गौरीशंकर एक प्रतिमा नहीं—नारी शिक्षा के महान संकल्प का स्मारक-पण्डित मेहरचन्द मुदगिल

नरेंद्र जेठी/नरवाना /11 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

पूर्व विधायक लाला गौरीशंकर की प्रतिमा केवल एक आकृति नहीं है बल्कि यह नारी शिक्षा के महान संकल्प का स्मारक है। नरवाना के जाने माने समाजसेवी एवं प्राचीन शिव मन्दिर के पुजारी पंडित मेहरचंद मुदगिल ने यह बात कही है। सनातन धर्म महाविद्यालय नरवाना में गोलोकवासी लाला गौरीशंकर की प्रतिमा स्थापित की गई है। यह प्रतिमा संगमरमर में उकेरी गई केवल एक आकृति नहीं है। इसके पीछे एक महान स्वप्न, एक दूरदर्शी सोच और समाज के प्रति समर्पित जीवन की कहानी जुड़ी हुई है।

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लाला गौरीशंकर का नारी शिक्षा का सपना

नरवाना के पूर्व विधायक स्व0 लाला गौरी शंकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पंडित मेहरचंद मुदगिल ने कहा कि लाला गौरीशंकर ने उस समय एक महत्वपूर्ण सपना देखा था। उनका सपना था कि हमारे क्षेत्र की कोई भी बेटी और कोई भी महिला शिक्षा से वंचित न रहे। उस दौर में नारी शिक्षा के लिए ऐसा संकल्प लेना स्वयं में सामाजिक परिवर्तन की नींव रखने जैसा था। उन्होंने अपने इस संकल्प को केवल शब्दों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने नरवाना और उझाना में कन्या पाठशालाओं की स्थापना की। इसके साथ ही उन्होंने कन्याओं की उच्च शिक्षा के लिए संस्थानों की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शिक्षा का पौधा बना विशाल वटवृक्ष

पंडित मेहरचंद मुदगिल ने कहा कि लाला गौरीशंकर ने शिक्षा का जो छोटा-सा पौधा लगाया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। इस विशाल वटवृक्ष की छाया में पीढ़ी-दर-पीढ़ी बेटियाँ शिक्षित हो रही हैं। शिक्षित होकर ये बेटियाँ अपने परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव बढ़ा रही हैं। इस पुण्य अभियान को आगे बढ़ाने में नरवाना के प्रतिष्ठित एवं समाजसेवी नागरिकों का अपार सहयोग भी मिला है। इन संस्थाओं को निरंतर नागरिकों का सहयोग मिलता रहा है। यही सामूहिक सेवा किसी महान व्यक्ति के सपने को पीढय़िों तक जीवित रखती है।

प्रतिमा से मिलता है बेटियों को पढ़ाने का संदेश

आज जब हम इस प्रतिमा के सामने खड़े होते हैं, तो हमें लाला गौरीशंकर जी का महत्वपूर्ण संदेश सुनाई देता है। यह संदेश है कि बेटी को शिक्षा दो और उसे अवसर दो। एक बेटी शिक्षित होगी तो अनेक पीढय़िाँ प्रकाशित होंगी। ऐसे शिक्षा-मनीषी, समाज सुधारक और नारी शिक्षा के पथ-प्रदर्शक गोलोकवासी लाला गौरीशंकर की पुण्य स्मृति को शत्-शत् नमन किया गया है। उन्होंने जो पौधा लगाया था वह आज वटवृक्ष है। उन्होंने जो सपना देखा था वह आज हजारों बेटियों की आँखों की रोशनी बन चुका है।

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