कैथल के वीर सपूत लांस नायक नरेंद्र सिंधु को मरणोपरांत मिला शौर्य चक्र

कैथल जिले के रोहेड़ा गांव के वीर सपूत लांस नायक नरेंद्र सिंधु को उनकी अदम्य वीरता और असाधारण साहस के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र मिला है। देश की रक्षा के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया था।
अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए लांस नायक नरेंद्र सिंधु को मरणोपरांत मिला शौर्य चक्र
कैथल /16 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले कैथल जिले के रोहेड़ा गांव के वीर सपूत लांस नायक नरेंद्र सिंधु को उनकी अदम्य वीरता और असाधारण साहस के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र मिला।
बता दें कि 28 वर्षीय लांस नायक नरेंद्र सिंधु भारतीय सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स (द राजपूताना राइफल्स) में तैनात थे। सितंबर 2025 में जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
8 सितंबर 2025 को सुबह करीब 8:15 बजे कुलगाम के वन क्षेत्र में संयुक्त सर्च एंड डिस्ट्रॉय अभियान चलाया जा रहा था। अभियान के दौरान एक ठिकाने में छिपे आतंकवादियों ने उनके दल पर अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और वहां से भागने का प्रयास किया। भारी गोलीबारी और विषम परिस्थितियों के बावजूद लांस नायक नरेंद्र सिंधु ने संयम और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि उनकी गोलीबारी से घेराबंदी के अंदर मौजूद उनके साथी जवानों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
इसी दौरान नजदीक से संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर उन्होंने नियमों के अनुरूप निडरता से आतंकवादी को ललकारा। आतंकवादी की ओर से की गई भीषण गोलीबारी में नरेंद्र सिंधु गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर चोट लगने के बावजूद लांस नायक नरेंद्र सिंधु ने अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने गोलीबारी के बीच अपनी पोजीशन बदली और सटीक जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकवादी को मार गिराया। बाद में मारे गए आतंकवादी की पहचान ‘कैटेगरी ए+’ के दुर्दांत आतंकवादी के रूप में हुई।
मुठभेड़ के बाद गंभीर रूप से घायल लांस नायक नरेंद्र सिंधु को उपचार के लिए वहां से निकाला गया, लेकिन देश की रक्षा करते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की। उनकी असाधारण बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। शहीद नरेंद्र सिंधु के पिता दलबीर और माता रोशनी देवी ने देश के लिए अपने बेटे को समर्पित कर जिस त्याग और साहस का परिचय दिया, वह भी पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।
शहीद लांस नायक नरेंद्र सिंधु के परिवार को सरकार की ओर से निर्धारित सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराने में 9 राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन तथा जिला सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण कार्यालय, कैथल ने सहयोग किया। हरियाणा सरकार की योजना के तहत शहीद परिवार को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की गई है। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने से संबंधित आवश्यक कागजी प्रक्रिया भी पूरी कराई गई है। लांस नायक नरेंद्र सिंधु की शहादत भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम का अनुपम उदाहरण है।