ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए गांव-गांव स्थापित होंगी लाइब्रेरी: मंत्री कृष्ण कुमार बेदी

ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए गांव-गांव स्थापित होंगी लाइब्रेरी: मंत्री कृष्ण कुमार बेदी

ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए गांव-गांव स्थापित होंगी लाइब्रेरी: बेदी

नरेंद्र जेठी/नरवाना /13 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए गांव-गांव लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी। हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा है कि शिक्षा का प्रसार और शिक्षित युवाओं को रोजगार देना राज्य सरकार का मुख्य विजन है। इसी पर फोकस रखते हुए कंप्यूटरराइज्ड एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम श्री स्कूल तथा लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण अंचल में बसने वाले आर्थिक रूप से कमजोर व जरूरतमंद गरीब परिवारों के बच्चों को भी सस्ती, सुलभ तथा उन्नत शिक्षा उपलब्ध करवाना है। गांव दर गांव पुस्तकालयों की स्थापना शिक्षा क्षेत्र में एक नई शुरुआत है। इससे ग्रामीण बच्चों को शिक्षा प्राप्ति के साथ-साथ अपनी शैक्षणिक योग्यता निखारने और प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। भविष्य में हरियाणा निश्चित रूप से शिक्षा तथा रोजगार का हब बनेगा।

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कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र के गांव बेलरखा में शहीद राजगुरु -सुखदेव पुस्तकालय के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। यह पुस्तकालय गांव की वाल्मीकि चौपाल में संचालित किया गया है। कैबिनेट मंत्री ने लाइब्रेरी के विस्तारीकरण और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता के लिए 10 लाख रुपए देने की भी घोषणा की है। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा समाज तथा राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। युवाओं को अच्छी तालीम देने और उन्हें योग्यता के आधार पर रोजगार देने से ही राज्य की प्रगति का रास्ता प्रशस्त होता है और साथ ही एक सभ्य समाज का निर्माण होता है। इसी प्राथमिकता को मद्देनजर रखते हुए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। अब प्रदेश में शिक्षा प्रसार तथा रोजगार उन्मुखी नीतियों से सकारात्मक बदलाव नजर आने लगे हैं।

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि मौजूदा राज्य सरकार बिना पर्ची-बिना खर्ची शिक्षित एवं योग्य युवाओं को रोजगार देने की नीति पर पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। इस पारदर्शी नीति की बदौलत समाज के सूरत-ए-हाल में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। गत समय में नौकरियां राजनेताओं के चहेतों को मिलती थीं और सिफारिश तथा रिश्वत का पूरा बोलबाला था। इससे योग्य और शिक्षित युवा आमतौर पर सरकारी नौकरियां पाने में नाकामयाब रहते थे। परिणामस्वरूप आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों में शिक्षा प्राप्ति के प्रति उदासीनता का माहौल बनता गया। इससे राज्य में शिक्षा का स्तर गिरने के साथ-साथ बेरोजगारी का ग्राफ भी बढ़ता गया। वर्तमान में राज्य सरकार की उक्त नीति से आम परिवार के बच्चों में शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन बढ़ा है। अब रिक्शा-पूलर, रेहड़ी-पटरी जैसे छोटे व मझौले परिवारों के युवाओं में भी सरकारी नौकरी के प्रति नई उम्मीद जगी है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बीते जमाने में परिवार की प्रतिष्ठा की पहचान दौलत व अन्य भौतिकवादी संसाधनों से होती थी। वहीं, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सामाजिक पहचान का पैमाना शिक्षा से होता है। यह एक नए युग की शुरुआत है और आने वाले समय में युवाओं के उज्जवल भविष्य से उन्नत समाज व राष्ट्र का निर्माण होना लाजमी बनेगा। उन्होंने आमजन से अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलवाने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर आयोजन समिति के सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों सहित अन्य ग्रामीणों द्वारा पगड़ी, स्मृति चिह्न, फूलमालाओं तथा पुष्प वर्षा के साथ कैबिनेट मंत्री का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक पिरथी सिंह नंबरदार, चेयरमैन मार्किट कमेटी अमित ढाकल, मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सरपंच हथो, सत्यवान शर्मा, सुरेंद्र प्रजापति, सरपंच बेलरखा पिरथी सिंह, रमेश कुमार बेलरखा जिला महामंत्री एसई सैल, राजेश नायक, गोगी आदिवाल, राजेश वाल्मीकि, मनोज कुमार, रामफल नायक, राकेश धतरवाल, प्रदीप धतरवाल, बैसाखी राम सैनी, सुखबीर धतरवाल, बलजीत धतरवाल, तलविंदर रशीदा, मदन सैथंली, ओम प्रकाश सैनी, महेंद्र बेदी, संजय कालवन, एडवोकेट पवन राणा, सोमदत्त बेदी, तेजपाल शर्मा, शीशपाल भाणा, कैबिनेट मंत्री के निजी सहायक मनोज कुमार, मीडिया प्रभारी संजय बल्हारा, जसवीर नैन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति व भारी संख्या में ग्रामीण व विद्यार्थी मौजूद रहे।

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