महेंद्रगढ़ में मां की सजगता और डायल-112 की त्वरित कार्रवाई से बची युवक की जान

महेंद्रगढ़ में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। डायल-112 पुलिस टीम ने अपनी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक 28 वर्षीय युवक की जान बचा ली है। युवक पारिवारिक विवाद के चलते काफी तनाव में था। तनाव के कारण उसने अपने कमरे के अंदर से कुंडी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था।
घटना के समय युवक की मां को कुछ शक हुआ। मां ने बिना देर किए तुरंत डायल-112 पर सूचना दी और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही आपात रिस्पॉन्स व्हीकल यानी ईआरवी पर तैनात ईएसआई युद्धवीर सिंह, सिपाही निकास और एसपीओ राजकुमार मात्र आठ मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गए।
युवक ने अंदर से बंद कर रखा था दरवाजा
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने देखा कि युवक ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर रखा था। पुलिसकर्मियों ने बिना किसी प्रकार की देर किए हुए तुरंत दरवाजा तोड़ दिया और कमरे के अंदर प्रवेश किया। अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए क्योंकि युवक फंदे पर लटका हुआ मिला था।
पुलिस ने तुरंत दी सीपीआर
पुलिसकर्मियों ने बिना एक पल गंवाए तत्काल उसे नीचे उतारा और प्राथमिक स्तर पर सीपीआर दी। जांच करने पर उसकी सांसें चलती हुई मिलीं। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे ईआरवी वाहन के जरिए सरकारी अस्पताल महेंद्रगढ़ पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा उपचार करने के बाद अब युवक की हालत पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है।
निजी अस्पताल में एंबुलेंस चालक है युवक
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस युवक की पहचान अनूप के रूप में हुई है। अनूप एक निजी अस्पताल में एंबुलेंस चालक के रूप में काम करता है और उसके तीन बच्चे भी हैं। प्रारंभिक पुलिस जांच में यह सामने आया है कि शनिवार के दिन अनूप की पत्नी बिना किसी को बताए घर से कहीं चली गई थी।
अनूप ने अपनी पत्नी को कई बार फोन किया और संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसकी तरफ से कोई कॉल रिसीव नहीं हुई। पत्नी का फोन न उठाने से अनूप काफी परेशान हो गया और मानसिक तनाव में आ गया। इसी तनाव के चलते वह अपने कमरे में चला गया और उसने फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की।
परिजनों ने जताया पुलिस का आभार
मां की पूरी तरह सजगता और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की वजह से ही अनूप को सही समय पर जरूरी उपचार मिल सका। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस टीम का भारी आभार जताया है। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंचती, तो किसी भी अनहोनी के कारण अनूप की जान जा सकती थी।