महोबा में खराब सड़क पर बच्चों का हाईवे जाम, पुलिस की बदसलूकी

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में खराब सड़क से परेशान स्कूली बच्चों के हाईवे जाम करने और पुलिस द्वारा उनके साथ की गई बदसलूकी की घटना की पूरी रिपोर्ट नीचे दी गई है:
महोबा/19 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ अपने स्कूल जाने वाले रास्ते की जर्जर हालत से तंग आकर सैकड़ों स्कूली छात्र-छात्राओं ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। बच्चों का आरोप है कि वे लंबे समय से इस खराब सड़क की मरम्मत के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे, लेकिन जब हर तरफ से निराशा हाथ लगी तो उन्हें मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा।
बारिश और कीचड़ के बीच बच्चों ने हाईवे पर बैठकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि रोज़ाना स्कूल जाते समय उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और बारिश के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से रास्ते से निकलना बेहद खतरनाक हो जाता है। कई बार शिकायतें देने के बावजूद शासन और प्रशासन ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। हालांकि, स्थिति को संवेदनशीलता और शांतिपूर्वक सुलझाने के बजाय पुलिस कर्मियों का रवैया बेहद सख्त और गैर-जिम्मेदाराना देखने को मिला। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे बच्चों, जिनमें कई नाबालिग लड़कियां भी शामिल थीं, उनके साथ तीखी बहस और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों ने बच्चों से चिल्लाकर बात की और उन्हें तुरंत सड़क से हटने का दबाव बनाया।
सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी बच्चों को जबरन हाथ पकड़कर और खींचकर हाईवे से हटा रहे हैं। इस दौरान जब छात्राओं ने अपनी बात रखने की कोशिश की, तो अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी और रुखे व्यवहार का परिचय दिया। पुलिस के इस कठोर रवैये से नाराज छात्र-छात्राओं में और अधिक आक्रोश फैल गया, लेकिन भारी पुलिस बल के आगे उन्हें पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने पुलिस प्रशासन के इस रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि अपनी मौलिक सुविधाओं और सुरक्षित रास्ते के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नौनिहालों के साथ इस तरह का बर्ताव किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। प्रशासन को बच्चों की जायज समस्या का समाधान निकालने के बजाय उनके साथ इस तरह का बल प्रयोग नहीं करना चाहिए था।
फिलहाल, इस घटना के बाद क्षेत्र में मामला गर्माया हुआ है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द खराब सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराने और प्रदर्शनकारी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।