5 करोड़ के कथित रिश्वत मामले पर भगवंत मान सरकार की नैतिकता पर उठे गंभीर सवाल

भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा, पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने एक प्रेस नोट जारी किया है। इस प्रेस नोट में उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के परिवार से जोड़े जा रहे 5 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत के मामलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि इतने गंभीर आरोपों को केवल राजनीतिक साजिश या राजनीतिक बदले की भावना कहकर खारिज नहीं किया जा सकता है। पंजाब की जनता को केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं चाहिए, बल्कि सच्चाई और एक पारदर्शी जांच की सख्त आवश्यकता है।
अरविंद केजरीवाल की चुप्पी पर उठाए गए सवाल
परमजीत सिंह कैंथ ने कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पंजाब में लगातार सामने आ रहे इन गंभीर मामलों का तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। पंजाब के लोग यह जानना चाहते हैं कि जिस पार्टी ने भ्रष्टाचार विरोधी राजनीति, पारदर्शिता और ईमानदार शासन को अपनी स्थापना के मुख्य सिद्धांत बताया था, क्या आज वह पार्टी उन सभी सिद्धांतों से पूरी तरह से मुंह मोड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को चुप रहने के बजाय पंजाब के लोगों के सामने अपनी पार्टी का रुख बिल्कुल स्पष्ट करना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान के परिवार से जोड़े जा रहे गंभीर भ्रष्टाचार और 5 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत के आरोपों के बारे में उनकी यह चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े कर रही है।
निष्पक्ष जांच और लोकतांत्रिक जवाबदेही की मांग
कैंथ ने आगे कहा कि केजरीवाल जी जब आप राजनीति में आए थे, तब आप भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े-बड़े सिद्धांतों की बातें किया करते थे। आज जब आपकी अपनी पंजाब सरकार से जुड़े इतने गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, तो आप इस मामले पर चुप क्यों बैठे हैं। क्या आपकी पार्टी के सिद्धांत केवल उस समय के लिए थे जब आप सत्ता से बाहर हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि यह आरोप सही हैं या फिर पूरी तरह से बेबुनियाद हैं, इसका फैसला केवल एक निष्पक्ष जांच के माध्यम से ही होना चाहिए। यदि यह आरोप झूठे हैं, तो सरकार को निष्पक्ष जांच का खुले तौर पर स्वागत करना चाहिए। यदि इन आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई है, तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। निष्पक्ष जांच की मांग से भागना और हर एक सवाल को राजनीतिक साजिश बताना किसी भी प्रकार से लोकतांत्रिक जवाबदेही नहीं कही जा सकती है।
सीबीआई या अन्य सक्षम एजेंसी से समयबद्ध जांच की मांग
कैंथ ने यह भी कहा कि यह मामला और भी ज्यादा गंभीर इसलिए बन जाता है क्योंकि सामने आए ये आरोप एक बलात्कार के मामले को प्रभावित करने और कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की मांग करने से जुड़े बताए जा रहे हैं। उन्होंने पुरजोर मांग की है कि यदि सरकार को अपने ऊपर पूरा विश्वास है, तो सीबीआई या किसी अन्य निष्पक्ष और सक्षम एजेंसी से इस पूरे मामले की समयबद्ध जांच करवाई जानी चाहिए। इससे सारा सच पंजाब की जनता के सामने आ सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी एनएचआरसी द्वारा इस मामले का संज्ञान लेना और एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगना भी सरकार के लिए एक बहुत गंभीर संकेत है। मान सरकार हर विरोधी आवाज या गंभीर सवाल को राजनीति कहकर खारिज नहीं कर सकती है। यदि सब कुछ पूरी तरह से साफ है, तो फिर एक निष्पक्ष जांच से डर क्यों लग रहा है।
शून्य सहिष्णुता की नीति पर सवाल
भाजपा नेता कैंथ ने यह भी कहा कि सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता यानी जीरो टॉलरेंस की नीति की बड़ी-बड़ी बातें की थीं। अब पूरा पंजाब यही सवाल पूछ रहा है कि इस 5 करोड़ रुपये के कथित मामले में आखिर वह शून्य सहिष्णुता की नीति कहां गायब हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल से स्पष्ट जवाब की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की राजनीतिक बयानबाजी को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। सरकार को तुरंत एक निष्पक्ष जांच का आदेश देना चाहिए और सारा सच पंजाब की जनता के सामने लाना चाहिए। यदि आरोप झूठे साबित होते हैं, तो आरोप लगाने वालों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। यदि आरोपों में कोई भी सच्चाई पाई जाती है, तो कानून को अपना पूरा काम करना चाहिए। अब पंजाब के लोग केवल बयानों से काम नहीं चलाना चाहते, बल्कि वे स्पष्ट जवाब और एक पारदर्शी जांच देखना चाहते हैं।