मानेसर में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: एक करोड़ टैक्स बकाया होने पर रहेजा टावर-ए और जिंजर होटल सील

एक करोड़ टैक्स बकाया, रहेजा टावर-ए और जिंजर होटल सील
टैक्स असिस्टेंट उदय सिंह ने बताया पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए
निगम मानेसर का प्रॉपर्टी टैक्स डिफ़ाल्टरो के खिलाफ विशेष अभियान जारी
प्रतिष्ठानों को सील कर संबंधित प्रबंधन को बकाया टैक्स भुगतान के निर्देश
फतह सिंह उजाला /मानेसर/18 अगस्त 2026//18 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
नगर निगम मानेसर प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वाले डिफ़ॉल्टरों के खिलाफ अपना कड़ा रुख अपनाते हुए मंगलवार को एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। निगम की टैक्स विंग टीम ने बकाया टैक्स न चुकाने वाले दो प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग का विशेष अभियान चलाकर उन्हें पूरी तरह से सील कर दिया।
नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई के तहत आईएमटी (IMT) सेक्टर-2 में स्थित रहेजा टावर-ए और इसी व्यावसायिक परिसर के भीतर संचालित प्रसिद्ध 'जिंजर होटल' के परिसरों पर ताले लगा दिए गए। निगम अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नगर निगम का कुल मिलाकर करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपये का भारी-भरकम प्रॉपर्टी टैक्स बकाया चल रहा था।
टैक्स विंग की विशेष टीम मंगलवार को दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और कानून व नियमों के तहत सीलिंग की पूरी प्रक्रिया को पूरा किया। सीलिंग की कार्रवाई पूरी करने के बाद निगम की टीम ने प्रतिष्ठान के प्रबंधन और संपत्ति मालिकों को कड़ा निर्देश दिया कि जब तक वे अपने पूरे बकाये टैक्स का भुगतान नहीं कर देते, तब तक सीलिंग नहीं हटाई जाएगी।
मामले की जानकारी देते हुए नगर निगम के टैक्स असिस्टेंट उदय सिंह ने बताया कि इन संपत्ति मालिकों को टैक्स जमा कराने के लिए पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे। बार-बार चेतावनी और मोहलत दिए जाने के बावजूद प्रबंधन द्वारा टैक्स की बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। इसी लापरवाही और नियमों की अनदेखी के चलते निगम को अंततः सीलिंग का यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
वहीं, नगर निगम मानेसर के संयुक्त आयुक्त लोकेश यादव ने स्पष्ट किया कि निगम क्षेत्र के भीतर जितने भी बड़े प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदार हैं, उनके खिलाफ यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक हो या आवासीय, जिन भी संपत्तियों पर लंबे समय से टैक्स का भुगतान अटका हुआ है, उन सभी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी से कड़ा कदम उठाया जाएगा।
संयुक्त आयुक्त लोकेश यादव ने आगे बताया कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य सभी संपत्ति धारकों से समय सीमा के भीतर टैक्स की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों द्वारा जमा किया जाने वाला टैक्स ही शहर के विकास कार्यों की रीढ़ होता है। जब टैक्स समय पर आएगा, तभी क्षेत्र में सड़कों, नालियों, सफाई और अन्य मूलभूत बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी।
लोकेश यादव ने मानेसर निगम क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े प्रॉपर्टी धारकों और व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि नगर निगम पूरी तरह से पारदर्शी, सुगम और जवाबदेह व्यवस्था के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए समय रहते अपना बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा करा दें।
नगर निगम प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले और लगातार टैक्स दबाकर बैठने वाले बकायेदारों के खिलाफ सीलिंग, खाते फ्रीज करने और अन्य कानूनी कदम बिना किसी रियायत के निरंतर जारी रहेंगे। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य बड़े टैक्स डिफ़ॉल्टरों में भी हड़कंप मच गया है।