मानेसर में 8.39 करोड़ के प्रॉपर्टी टैक्स बकाये पर दो बड़े कमर्शियल टावर सील, 100 टॉप डिफॉल्टरों पर कसा शिकंजा

Atal Hind Team Online14 August 20265 min read23 viewsगुरुग्राम
मानेसर में  8.39 करोड़ के प्रॉपर्टी टैक्स बकाये पर दो बड़े कमर्शियल टावर सील, 100 टॉप डिफॉल्टरों पर कसा शिकंजा

मानेसर। नगर निगम मानेसर ने प्राॅपर्टी टैक्स डिफाॅल्टरों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू करते हुए शुक्रवार को दो बड़े कमर्शियल काॅम्प्लेक्स को सील किया। इन दोनों संपत्तियों पर 8 करोड़ 39 लाख रुपये का प्राॅपर्टी टैक्स बकाया है।

मानेसर नगर निगम का रिकवरी अभियान तेज: 8.39 करोड़ रुपये टैक्स न देने पर दो बड़े व्यावसायिक टावर सील; 229 करोड़ के बकायेदार टॉप 100 डिफॉल्टरों पर गिरेगी गाज

संपत्ति मालिकों को बकाया टैक्स जमा करने के निर्देश दिए गए ,- निगम के बकाया टैक्स डिफाॅल्टरों पर लगातार की जाएगी कार्रवाई,31 अगस्त तक 2024-25 तक के प्राॅपर्टी टैक्स ब्याज पर 75 प्रतिशत की छूट

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गुरुग्राम /14 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स /फतह सिंह उजाला

हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र मानेसर में नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वाले बड़े डिफ़ॉल्टरों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। लंबे समय से करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स दबाकर बैठे संपत्ति मालिकों और बिल्डरों को बार-बार चेतावनी और कानूनी नोटिस जारी किए जाने के बाद भी जब बकाये का भुगतान नहीं किया गया, तो निगम प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए सीलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसी कड़ी में शुक्रवार को नगर निगम की विशेष टैक्स टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो बड़े व्यावसायिक परिसरों (कमर्शियल टावर्स) को पूरी तरह से सील कर दिया। इन दोनों व्यावसायिक इमारतों पर कुल मिलाकर 8 करोड़ 39 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स लंबे समय से बकाया चला आ रहा था।

नगर निगम की इस अचानक हुई सीलिंग कार्रवाई से क्षेत्र के व्यावसायिक और बिल्डर तबके में हड़कंप मच गया है। निगम की टैक्स शाखा से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई सेक्टर-80 स्थित 'एक्जेक्ट डेवलपर एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड टावर' और सेक्टर-84 स्थित 'ओरिस फ्लोरल टावर' पर की गई है। दोनों ही इमारतें व्यावसायिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र हैं, जहाँ कई दफ्तर और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। टैक्स विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंचकर कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया और दोनों परिसरों के मुख्य द्वारों को सील कर दिया। इसके साथ ही इमारतों के बाहर सीलिंग की आधिकारिक सूचना चिपका दी गई है।

सीलिंग की इस पूरी मुहिम को अंजाम देने के लिए नगर निगम की एक मजबूत और अधिकृत टीम गठित की गई थी। सीलिंग की यह कार्रवाई निगम के टैक्स असिस्टेंट उदय सिंह के नेतृत्व में पूरी की गई, जिसमें टैक्स शाखा के कर्मचारी संजीत, नवीन, भरत और पंकज सहित कई अन्य अधिकारी व सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। टीम ने पहले दोनों इमारतों में पहुंचकर वहां मौजूद प्रतिनिधियों को बकाया टैक्स भुगतान न किए जाने के संबंध में पहले जारी किए गए नोटिसों का हवाला दिया। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड में दर्ज करते हुए निष्पादित की गई और संपत्ति मालिकों को हिदायत दी गई कि वे तुरंत पूरा बकाया जमा करवाएं, वरना अगली कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए नगर निगम मानेसर के संयुक्त आयुक्त लोकेश यादव ने बताया कि निगम ने पहले चरण में शहर के टॉप 100 प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टरों को चिन्हित करके उनके खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई शुरू की है। इन टॉप 100 बड़े बकायेदारों की सूची में शामिल संस्थाओं और व्यक्तिगत संपत्ति मालिकों पर कुल मिलाकर 229 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। उन्होंने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि जिन संपत्ति मालिकों ने बार-बार नोटिस दिए जाने और अंतिम मोहलत के बाद भी टैक्स जमा नहीं करवाया है, उनके खिलाफ बिना किसी पक्षपात के सीलिंग, बैंक खाते फ्रीज करने और कुर्की जैसी सख्त कानूनी कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

संयुक्त आयुक्त लोकेश यादव ने बताया कि नगर निगम की वित्तीय व्यवस्था को पटरी पर लाने और क्षेत्र में बुनियादी नागरिक सुविधाओं के सुचारू विकास के लिए प्रॉपर्टी टैक्स का समय पर मिलना बेहद जरूरी है। शहर के भीतर सड़कों का निर्माण, सीवरेज लाइनें बिछाना, जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव और पार्कों का सौंदर्यीकरण जैसी सभी आधारभूत सुविधाएं इसी राजस्व से संचालित होती हैं। अगर बड़े व्यावसायिक संस्थान ही टैक्स देने में आनाकानी करेंगे, तो इससे पूरे शहर का विकास कार्य प्रभावित होता है। इसलिए निगम प्रशासन अब बकायेदारों से एक-एक रुपये की वसूली के लिए सख्त रुख अपना रहा है।

इसके साथ ही नगर निगम ने आम जनता और छोटे-बड़े सभी संपत्ति मालिकों को टैक्स राहत योजना का फायदा उठाने का एक आखिरी मौका भी दिया है। लोकेश यादव ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार की हिदायतों के अनुसार वर्तमान में राज्यभर में 31 अगस्त तक प्रॉपर्टी टैक्स पर एक विशेष ब्याज राहत योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-2025 तक के बकाया प्रॉपर्टी टैक्स के ब्याज पर सीधे 75 प्रतिशत (75%) की भारी छूट दी जा रही है। ऐसे में जिन भी नागरिकों या कंपनियों पर टैक्स बकाया है, उन्हें इस छूट योजना की अंतिम तिथि से पहले अपना बकाया चुका देना चाहिए ताकि वे ब्याज की छूट का लाभ भी पा सकें और सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई से भी बच सकें।

स्थानीय सूत्रों और अन्य प्रशासनिक रिपोर्टों के अनुसार, मानेसर नगर निगम क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में कई नई कमर्शियल और रेजिडेंशियल सोसायटियां बनी हैं। इनमें से कई बिल्डरों ने पजेशन तो दे दिया, लेकिन नगर निगम के खाते में बनने वाला स्वामित्‍व एवं विकास संबंधी प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया। निगम अधिकारियों ने पहले ही सभी बकायेदारों का विस्तृत डेटा बेस तैयार कर लिया है, जिसके तहत बकाये की राशि के हिसाब से प्राथमिकता तय की गई है। अब सबसे बड़े बकायेदारों से शुरुआत करते हुए नीचे के क्रम तक सीलिंग की तलवार लटकेगी।

नगर निगम प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि 31 अगस्त की समयसीमा समाप्त होने के बाद छूट की योजना पूरी तरह बंद हो जाएगी और उसके तुरंत बाद दूसरे चरण का व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसमें केवल बड़े कमर्शियल टावर ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक मॉल, निजी अस्पताल, मैरिज पैलेस, औद्योगिक इकाइयां और बड़े रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स भी शामिल होंगे जिन पर लाखों-करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया है। निगम ने सभी डिफॉल्टरों से आग्रह किया है कि वे निगम कार्यालय में आकर अपने बकाये का मिलान करें और सरकारी राहत योजना का लाभ उठाते हुए अपना भुगतान समय पर पूरा करें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय सीलिंग कार्रवाई से बचा जा सके।

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