केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सेवा करना सबसे बड़ा धर्म, कैथल में आनंदम वृद्ध सेवा आंगन का किया शिलान्यास

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सेवा करना सबसे बड़ा धर्म, कैथल में आनंदम वृद्ध सेवा आंगन का किया शिलान्यास

सेवा करना सबसे बड़ा धर्म, परिवार के साथ-साथ समाज में जरूरतमंद एवं पात्र लोगों की यथासंभव करें सेवा :- केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल

सर्व जन सुखाय ट्रस्ट की ओर से आरकेएसडी कॉलेज के हॉल में आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने बतौर मुख्यातिथि व हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री कृष्ण लाल मिड्डा, हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी, सांसद नवीन जिंदल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में की शिरकत।

कैथल/30 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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भारत सरकार के ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। हम सभी को अपने सामर्थ्य अनुसार अपने परिवार के साथ-साथ समाज में जरूरतमंद एवं पात्र लोगों की यथासंभव सेवा करनी चाहिए। हमें अपने व्यवहार में सेवा के गुण को शामिल करना चाहिए। सेवा के कार्य में बढ़चढ़ कर भाग लेना चाहिए। बच्चों को सेवा भाव सिखाना चाहिए, ताकि वे आने वाले समय में अपने परिजनों का अच्छे से ध्यान रखें।

भारत सरकार के ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल रविवार को आरकेएसडी कॉलेज में सर्व जन सुखाय ट्रस्ट कैथल की ओर से वृद्धजनों के कल्याण एवं सेवा के लिए गांव दयौरा में आनंदम वृद्ध सेवा आंगन के शिलान्यास अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सर्व जन सुखाय ट्रस्ट की ओर से आरकेएसडी कॉलेज के हॉल में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री कृष्ण लाल मिड्डा, हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी और सांसद नवीन जिंदल ने इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।

कार्यक्रम के दौरान अतिथिगणों की मौजूदगी में शिलान्यास पट्ट का अनावरण किया गया। इसके बाद उन्होंने गांव दयौरा में बनने वाले इस वृद्धाश्रम की नींव रखी। इस वृद्धाश्रम में जरूरतमंद बुजुर्गों को हर संभव सुविधाएं दी जाएंगी। केंद्रीय मंत्री ने इस आश्रम का निर्माण करने की सोच रखने वाले और अपनी संपत्ति दान देने वाले प्रो. एसएन मंगला के चित्र पर श्रद्धा सुमन भी अर्पित किए।

समाज सेवा और संस्थाओं के कार्य

अपने संदेश में केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि कैथल, करनाल हो या कुरुक्षेत्र की भूमि, यहां बहुत सी संस्थाएं समाज सेवा के अच्छे सराहनीय कार्य कर रही हैं। कैथल में सेवा संघ संस्था शिव शंकर पाहवा जी की अगुवाई में सेवा के बहुत से प्रकल्प चला रही है। इसी प्रकार से करनाल में भी कई संस्थाएं अच्छा कार्य कर रही हैं। कैंसर पीड़ित मरीजों की सेवा की जा सकती है। स्किल सेंटर खोलना भी सेवा का रूप हो सकता है। युवाओं को सही दिशा दिखाना भी समाज सेवा है। समाज में सबसे पहले मां अपने बच्चों को दान व सेवा की शिक्षा देती है। मां की शिक्षा की तरह से हमें अपने बच्चों में व स्वयं में सेवा की आदत डालनी चाहिए। बचपन से जो सेवा भाव शुरू होगा, वह आगे चलकर सेवा के लिए प्रेरित करेगा। हमें अपने परिवार में जरूरतमंद एवं पात्र लोगों की सेवा तो करनी ही चाहिए, साथ में समाज में भी पात्र लोगों की सेवा करनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि सेवा के लिए जब आगे आएं तो निस्वार्थ भाव होना चाहिए। हमें देने का स्वभाव बनाना चाहिए। उन्होंने दान की आदत डालने वाली एक व्यापारी की कहानी भी सुनाई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे समाज में अपनी कमाई का दसवां हिस्सा समाज सेवा में देने की परंपरा रही है। आज भी बहुत से लोग इस दिशा में काम करते हैं। हम सभी को अपनी कमाई का एक निश्चित हिस्सा समाज सेवा में जरूर लगाना चाहिए। युवाओं को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने स्वयं अपनी ओर से, विधानसभा उपाध्यक्ष श्री कृष्ण लाल मिड्डा एवं मंत्री श्री कृष्ण बेदी की ओर से वृद्धाश्रम के लिए 51 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। इससे पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष श्री कृष्ण लाल मिड्डा एवं मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने अनुदान राशि की घोषणा केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल पर छोड़ते हुए कहा था कि उनके जो आदेश होंगे, उनका पालन किया जाएगा।

विशिष्ट अतिथियों के विचार

समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष श्री कृष्ण लाल मिड्डा ने कहा कि वैसे तो हमारे संस्कारों के अनुसार समाज में वृद्धाश्रम की आवश्यकता ही नहीं होनी चाहिए लेकिन आज समाज में कई बार ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं कि बुजुर्ग अकेला रह जाता है। ऐसे बुजुर्गों के लिए आनंदम जैसे संस्थान जरूरी हैं। जहां उन्हें जीने के लिए आवश्यक सुविधाएं मिलें। साथ ही एक समाज मिले। इसके साथ-साथ हमें अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने होंगे। बच्चों को दादा-दादी, नाना-नानी के पास समय व्यतीत करने के लिए प्रेरित करें। साइंस जितनी मर्जी तरक्की कर ले, बुजुर्गों से मिलने वाला आशीर्वाद एवं तजुर्बा उनके पास बैठने से ही मिलेगा।

हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि हमारी संस्कृति में पत्थर में रहने वाले कीड़े का भी ध्यान रखा जाता है। इसीलिए वृद्धाश्रम जैसी जरूरत नहीं थीं, लेकिन आज कुछ हालात ऐसे हो जाते हैं, कि बुजुर्ग अकेले रह जाते हैं। उन्होंने शाहबाद में अपने पड़ोस का एक उदाहरण देकर बताया कि किस तरह से एक हादसे से एक अधिकारी परिवार में अकेला रह गया। ऐसे बुजुर्गों के लिए आनंदम जैसी संस्थाएं जरूरी हो जाती हैं। हम सभी को ऐसी संस्थाओं का सहयोग करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि आनंदम जैसे संस्थान शुरू करना सराहनीय कार्य है। इस संस्थान में जरूरतमंद लोग अच्छे से अपना जीवन व्यतीत कर सकेंगे। उन्होंने अपने विभाग की ओर से आनंदम संस्थान में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिलाया।

सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि हमारा भारत एक बड़ी जनसंख्या वाला देश है। आज देश को युवाओं का देश कहा जाता है लेकिन वर्ष 2047 तक बुजुर्गों की संख्या 30 करोड़ हो जाएगी। ऐसे में बुजुर्गों की सुविधा के लिए आनंदम जैसे संस्थान संचालित किए जाने जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का प्रयास रहना चाहिए कि उसके कारण उनके माता-पिता को कोई परेशानी न हो। हमें अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। हमारी सोच होनी चाहिए कि माता-पिता हमारे पास नहीं बल्कि हमें अपने माता-पिता के साथ रहना चाहिए। उन्होंने इस आश्रम की कल्पना करने वाले स्व. एसएन मंगला को भी नमन किया। साथ ही आनंदम संस्थान शुरू कर रही संस्था को शुभकामनाएं दीं। सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि उनके पिता स्व. ओमप्रकाश जिंदल ने उन्हें प्रेरणा दी थी कि जरूरतमंद की सेवा करना ही ईश्वर की सबसे बड़ी पूजा है। केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल जी और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी ने प्रदेश में बुजुर्गों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं शुरू की हैं। इसी प्रकार से देश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में बुजुर्गों के कल्याण के लिए इलाज सहित अनेकों प्रकार की योजनाएं शुरू की हैं, जिसके लिए हम उनके आभारी हैं। उन्होंने अपनी ओर से आनंदम संस्थान के लिए 11 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे महंत हरिश जी शास्त्री, रमनपुरी जी महाराज, कलानौर से आए महंत खुशहाल दास जी, उत्तर प्रदेश से आए संत सार आभोलानंद जी ने अपने मुखारविंद से सभी को शुभकामनाएं दीं।

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