केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया: हिसार और सोनीपत में मनरेगा की कोई मजदूरी बकाया नहीं

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया: हिसार और सोनीपत में मनरेगा की कोई मजदूरी बकाया नहीं

चंडीगढ़, 12 अगस्त: हरियाणा के सोनीपत और हिसार जिलों में मनरेगा मजदूरों को मजदूरी भुगतान में देरी की शिकायतों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। केंद्र सरकार ने दावा किया है कि वित्त वर्ष 2025-26 तक की सभी देय और पात्र लंबित मजदूरी का भुगतान किया जा चुका है। यह जानकारी लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सामने आई है।

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सांसदों ने उठाए थे सवाल

सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी और हिसार सांसद जयप्रकाश ने लोकसभा में सवाल पूछा था। उन्होंने दोनों क्षेत्रों में मजदूरी भुगतान में देरी और पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों को लेकर सदन में जानकारी मांगी थी।

मजदूरी भुगतान और एफटीओ के आंकड़े

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने इस मामले पर पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मनरेगा नियमों के तहत मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन के भीतर मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने का प्रावधान है। इस प्रक्रिया का सबसे अहम चरण फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ) जारी करना होता है। हिसार में 15 दिन के भीतर एफटीओ जारी होने का अनुपात 2023-24 में 82.54 फीसदी था। यह अनुपात 2024-25 में बढ़कर 99.50 फीसदी हो गया और 2025-26 में यह 97.23 फीसदी दर्ज किया गया। सोनीपत में यह एफटीओ अनुपात क्रमशः 94.31 फीसदी, 97.47 फीसदी और 93.83 फीसदी रहा है।

पंजीकृत मजदूर और घटे हुए मानव-दिवस

मनरेगा में पंजीकृत मजदूरों की संख्या पिछले तीनों वर्षों के दौरान स्थिर रही है। सोनीपत में यह संख्या करीब 69 हजार और हिसार में करीब 2.54 लाख दर्ज की गई। हालांकि, उपलब्ध कराए गए काम यानी मानव-दिवस की संख्या में गिरावट आई है। सोनीपत में मानव-दिवस 2023-24 के दौरान 4.05 लाख थे जो घटकर 2025-26 में 2.50 लाख रह गए। हिसार में भी मानव-दिवस 24.3 लाख से घटकर 12.1 लाख ही रह गए हैं। सरकार के नियमों के अनुसार यदि 15 दिन के बाद मजदूरी मिलने में देरी होती है, तो 16वें दिन से बकाया मजदूरी का 0.05 फीसदी प्रतिदिन की दर से मुआवजा देने का प्रावधान है। मजदूरी की यह पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सीधे मजदूरों के बैंक खातों में भेजी जाती है।

नई योजना और बजट आवंटन

पहली जुलाई, 2026 से मनरेगा की जगह एक नई योजना लागू की जा रही है। इस नई विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत हरियाणा राज्य के लिए वर्ष 2026-27 के वास्ते 590.19 करोड़ रुपये का केंद्रीय हिस्सा अंतरिम रूप से मंजूर किया गया है। इस नई योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 194.93 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

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