मनोहर लाल खटटर तो प्रॉपर्टी डीलर है पीएम और राष्ट्रपति महोदय हमे  इच्छामृत्यु की इजाजत दी जाए

मनोहर लाल खटटर तो प्रॉपर्टी डीलर है पीएम और राष्ट्रपति महोदय हमे  इच्छामृत्यु की इजाजत दी जाए

मानेसर 1810 एकड़ का मामला

किसानों ने पीएम और राष्ट्रपति को लिखा इच्छा मृत्यु का पत्र

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किसानों के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग करना चाहते हैं सीएम खट्टर

चंडीगढ़ में सीएम खट्टर के साथ हुई किसानों की वार्ता विफल

सीएम खट्टर के प्रस्ताव को उनके मुंह पर ही ठुकरा दिया

अटल हिन्द /फतह सिंह उजाला
मानेसर /पटौदी। दक्षिणी दिल्ली के पड़ोसी और दिल्ली-जयपुर नेशनल हरईवे के साथ लगते हरियाणा की आर्थिक राजधानी गुरूग्राम के दूसरे व सूबेके 11वे नगर निगम सहित औद्योगिक इलाके मानेसर की तहसील के सामने बीते 70 दिनों से धरने पर बैठे हजारों किसानों ने 1810 एकड़ जमीन अधिग्रहण के मामले में सीएम मनोहर लाल खट्टर पर किसानों को धोखा में रखने की बात कहते हुए प्रॉपर्टी डीलिंग करने का आरोप लगाया है।

मानेसर क्षेत्र के गांव कासन, सहरावन, कुकड़ोला व आसपास के किसानों ने अब पीएम मोदी और राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है । अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे किसानों के मुताबिक एक दिन पहले ही चंडीगढ़ में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने किसानों को बातचीत करने के लिए बुलाया था, लेकिन किसानों के सामने सीएम खट्टर ने जो प्रस्ताव रखा, उस प्रस्ताव को किसानों ने सीएम के सामने ही ठुकरा दिया और वापस लौटकर अपने धरना स्थल पर आकर ध्रना पर बैठ गए हैं।  गौरतलब है कि 2 दिन पहले से किसानों में खुशी की लहर थी कि सीएम ने किसानों को अपने 8 दिन के वादे के मुताबिक बातचीत के लिए बुलाया है , तो किसानों की बात सुनेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

सीएम के सामने ठुकराया प्रस्ताव
जमीन बचाओ किसान बचाओ कमेटी ने बताया कि सीएम खट्टर ने उनके सामने 16000 रुपए के रेट से 500 गज का प्लाट लेने और बाद में उसी प्लाट को 30 हजार में वापस लेकर किसानों को फायदा पहुंचाने का प्रस्ताव रखा और किसानों से इसके बदले मात्र 91 लाखों रुपए प्रति एकड़ की जमीन का मुआवजा लेने को कहा। सीएम के द्वारा रखे गए इस प्रस्ताव पर किसान मौके पर ही पूरी तरह से भड़क गए और मीटिंग के दौरान ही सीएम खट्टर के सामने ही उनके प्रस्ताव को प्रॉपर्टी डीलिंग करार देते हुए उनके सामने ही ठुकरा दिया

हमारी जमीन दें या इच्छा मृत्यु दें
मंगलवार को प्रभावित किसानों के द्वारा धरना स्थल पर ही सभी गांव की एक पंचायत आयोजित की गई। इस पंचायत में किसानों ने कहा कि यह सरकार अंधी हो चुकी है, किसी भी हाल में सरकार किसानों की बात मानने को तैयार नहीं है। लिहाजा अब उनके पास कोई और रास्ता नहीं है । किसानों ने फैसला लिया कि वह किसी भी हाल में सरकार द्वारा दिया जा रहा मुआवजा नहीं उठाएंगे और किसानों की जमीन अगर सरकार लेती है तो उसके बदले हम अपनी जान निछावर करने के लिए तैयार है। सर्वसम्मति से निर्णय के बाद किसानों ने पीएम मोदी और महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम सामूहिक पत्र लिखकर भेजा। लिखे पत्र में सभी किसानों ने सामूहिक तौर पर इच्छा मृत्यु की इच्छा जाहिर की है। किसानों ने अपने पत्र में कहा है कि अगर सरकार हमें जमीन नहीं देती है तो हमें हमारी इच्छा से मरने का आदेश दे दे ।

आज डीसी की मार्फत भेजेंगे पत्र
पीएम मोदी  और महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आदेश हमें स्वीकार होगा। जमीन बचाओ किसान बचाओ संघर्ष कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि अभी उन्होंने पीएम और राष्ट्रपति को पत्र के माध्यम से सामूहिक इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है । सभी किसान सामूहिक इच्छा मृत्यु पाने के लिए बुधवार को गुरुग्राम के जिला अधिकारी के कार्यालय में पहुंचकर डीसी के मार्फत अपना पत्र लिखित तौर पर भी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजेंगे

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