मोहाली हवाई अड्डे पर विदेशी पर्यटकों को मिलेगी हरियाणा पर्यटन की जानकारी, खुला नया केंद्र

मोहाली हवाई अड्डे पर विदेशी पर्यटकों को मिलेगी हरियाणा पर्यटन की जानकारी, खुला नया केंद्र

चंडीगढ़, 02 सितंबर। शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मोहाली में आने वाले पर्यटकों को अब हरियाणा के टूरिज्म की जानकारी मिल सकेगी। हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बुधवार को शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मोहाली के आगमन टर्मिनल पर हरियाणा पर्यटन विभाग के टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन एंड फैसिलिटेशन सेंटर का शुभारंभ किया।

पर्यटकों को मिलेगी बुकिंग संबंधी सहायता

डॉ. शर्मा ने कहा कि एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले पर्यटकों को हरियाणा के प्रमुख पर्यटन एवं विरासत स्थलों, पर्यटन सर्किट, होटल-रिसॉर्ट, मेलों और आयोजनों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही पर्यटकों को बुकिंग संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। डिजिटल एवं इंटरैक्टिव तकनीक के माध्यम से पर्यटकों को प्रदेश की विविध पर्यटन संभावनाओं से परिचित कराया जाएगा।

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एआई आधारित सरस्वती ऐप की शुरुआत

टीआईएफसी में एआई आधारित सरस्वती ऐप शामिल किया गया है। यह ऐप पर्यटकों को हरियाणा के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत, संस्कृति, मेलों, आयोजनों और पर्यटन सुविधाओं के बारे में त्वरित एवं इंटरैक्टिव जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा। पर्यटक अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न स्थलों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही पर्यटक हरियाणा भ्रमण की योजना बनाने में भी इस ऐप की सहायता ले सकेंगे।

पर्यटन के नए आयाम

उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान अब केवल खेती-किसानी, उद्योग और खेल तक सीमित नहीं है। कुरुक्षेत्र की गीता, सूरजकुंड की कला, पिंजौर की विरासत, मोरनी की पहाड़ियां, धोसी पहाड़ी की आस्था और गांवों की संस्कृति प्रदेश को पर्यटन की व्यापक संभावनाएं प्रदान करती हैं।

सूरजकुंड और साहसिक पर्यटन

डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्ष 2026 में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में 53 देशों के 700 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। अब सूरजकुंड मेला परिसर का सालभर उपयोग विवाह, सांस्कृतिक और अन्य आयोजनों के लिए किया जाएगा। सितंबर से दिसंबर के बीच अतिरिक्त मेलों के आयोजन की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि टिक्कर ताल, तिलयार झील और हथनीकुंड बैराज जैसे स्थलों को साहसिक पर्यटन से जोड़ने की दिशा में काम किया गया है। जल क्रीड़ा, नौकायन, बनाना बोट, जेट स्की और कैंपिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

महाभारत अनुभव केंद्र

विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि ज्योतिसर में 205.58 करोड़ की लागत से महाभारत अनुभव केंद्र विकसित किया गया है। वहीं दूसरी ओर विराट स्वरूप में 13.63 करोड़ की लागत से प्रकाश एवं ध्वनि शो तैयार किया गया है।

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