मोरना में खाली प्लाट से मिला लापता युवक का शव, सिर पर चोट के निशान से मौत बनी रहस्य

मोरना में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सब्जी मंडी के पास ध्यान सिंह यादव के खाली पड़े प्लाट में एक युवक का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान मोरना निवासी अरविंद पाल के रूप में हुई है, जो रविवार सुबह से अपने घर से लापता था और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। शव मिलने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
लापता युवक का शव मिलने से मचा हड़कंप
भोपा थाना क्षेत्र के गांव मोरना निवासी अरविंद पाल उर्फ सुक्का पुत्र जसपाल का शव सोमवार सुबह सब्जी मंडी के पास स्थित कब्रिस्तान के बराबर में पड़े खाली प्लाट में बरामद हुआ। मृतक के भाई अर्जुन ने पुलिस को बताया कि अरविंद रविवार सुबह से घर से गायब था। सोमवार सुबह उसका शव मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
मोरना चौकी प्रभारी पिंटू चौधरी ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अरविंद मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था और उसकी अचानक मौत से परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मृतक अपने पीछे पत्नी नोरती, आठ वर्षीय पुत्र कुंज, छ: वर्षीय पुत्री अवनी और चार वर्षीय पुत्री अनवी को छोड़ गया है। पत्नी नोरती सहित भाई अमित कुमार, अनुज कुमार, अर्जुन कुमार और बहनों डोली, राखी व सुमन का रो-रोकर बुरा हाल है। अरविंद की मौत कैसे हुई, यह फिलहाल एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। मृतक का घर गांव में मेला ग्राउंड के पास है, जबकि उसका शव करीब एक किलोमीटर दूर खाली प्लाट में मिला। मृतक के सिर पर चोट का निशान भी पाया गया है, लेकिन यह चोट कैसे लगी और मौत का वास्तविक कारण क्या है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। आबादी के बीच खाली प्लाट में शव मिलने से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है और पुलिस विभिन्न पहलुओं से इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
ग्रामीणों और नेताओं ने की आर्थिक सहायता की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में गहरा रोष और चिंता है। प्रधान सर्वेंद्र राठी, भाजपा मंडल अध्यक्ष अरुणपाल, आसपा नेता संजय रवि, महकपाल प्रधान, अरविंद कुमार आदि गणमान्य लोगों ने मृतक के परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को गंभीरता से देखते हुए शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता दिलाए जाने की पुरजोर मांग की है।