मदर टेरेसा स्कूल में बाल सुरक्षा और कानूनी अधिकारों को लेकर विशेष जागरूकता व्याख्यान आयोजित

मदर टेरेसा स्कूल में बाल सुरक्षा और कानूनी अधिकारों को लेकर विशेष जागरूकता व्याख्यान आयोजित

लाडवा के गांव मथाना चौकी स्थित मदर टेरेसा मॉडर्न पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, संरक्षण एवं उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अधिवक्ता अनीता रानी ने विद्यार्थियों को बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण संबंधी कानून सहित बाल अधिकारों और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।

बच्चों को अपने शरीर और व्यक्तिगत सीमाओं के प्रति रहना चाहिए जागरूक

अधिवक्ता अनीता रानी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि बच्चों को अपने शरीर और व्यक्तिगत सीमाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ कोई अनुचित व्यवहार होता है अथवा वह किसी परिस्थिति में स्वयं को असहज महसूस करता है तो उसे डरने या चुप रहने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

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बाल सुरक्षा के कानूनी प्रावधानों और डिजिटल सुरक्षा की जानकारी

उन्होंने विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी प्रकार की गलत या अनुचित घटना को छिपाने के बजाय उसके बारे में समय रहते किसी जिम्मेदार व्यक्ति को बताना बेहद जरूरी है। वहीं व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को सामाजिक एवं डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर भी जागरूक किया गया। अधिवक्ता ने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय बच्चों को सावधानी बरतनी चाहिए और किसी अनजान व्यक्ति पर बिना सोचे-समझे विश्वास नहीं करना चाहिए। बच्चों को अपनी निजी जानकारी, फोटो या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा करने से बचना चाहिए।

प्राचार्या पूजा सक्सेना का संदेश और विद्यार्थियों की सहभागिता

वहीं प्राचार्या पूजा सक्सेना ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों, कर्तव्यों और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी विद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें किसी भी विपरीत परिस्थिति का समझदारी से सामना करने के लिए तैयार करते हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बाल सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा विषय से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं के बारे में अधिवक्ता से जानकारी ली।

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