कैथल में MWB की नई जिला कार्यकारिणी घोषित

कैथल में MWB की नई जिला कार्यकारिणी घोषित

कैथल में MWB की नई जिला कार्यकारिणी का ऐलान

कैथल जिला की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी:

जिला अध्यक्ष: सुखविंद्र सैनी (कैथल)

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वरिष्ठ उपाध्यक्ष: विजय मिगलानी (पुंडरी) एवं ओ.पी. सैनी (चीका)

उपाध्यक्ष: सूरज सहारण, संजय शर्मा, राजिंदर तंवर (सभी कैथल)

महासचिव: मोहन नायक (कैथल)

सचिव (Joint Secretary): रोहताश (कलायत), ललित ठकराल, प्रवेश बहादुर (कैथल), रमेश तंवर

कोषाध्यक्ष: विक्रम यादव

मीडिया सचिव: नरेंद्र राणा, अमित तनेजा

कार्यकारिणी सदस्य: रोहताश शर्मा, गुलशन चुटानी, मनदीप शर्मा, सुनील जांगड़ा, अक्षय मिड्ढा, ओम प्रकाश @राजू, बहादुर सैनी

राजकुमार अग्रवाल /कैथल /25 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

पत्रकारों के अधिकार, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों को लेकर काम करने वाली मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन (MWB) ने कैथल जिले में अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा की है। संगठन की ओर से जारी सूची में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े पत्रकारों को जिम्मेदारियां दी गई हैं।

जिला अध्यक्ष सुखविंद्र सैनी ने उत्तर भारत अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन मल्होत्रा से विचार-विमर्श के बाद कार्यकारिणी की घोषणा की। संगठन का कहना है कि नई टीम का उद्देश्य जिले में पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को संगठित तरीके से उठाना और पत्रकारों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करना है।

MWB के पदाधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में कैथल जिले में उपमंडल और ब्लॉक स्तर तक संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए पत्रकारों के साथ बैठकें, गोष्ठियां, प्रशिक्षण कार्यक्रम और पत्रकार हितों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।

संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन मल्होत्रा ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं का समाधान केवल ज्ञापन देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनका कहना है कि पत्रकारों की रोजमर्रा की परेशानियों, सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और कल्याण से जुड़े विषयों पर लगातार काम करने की जरूरत है।

मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन लंबे समय से पत्रकारों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाने का दावा करती रही है। संगठन की वेबसाइट पर भी पत्रकारों के लिए बीमा, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, प्रशिक्षण और संगठन के विस्तार से संबंधित कई गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।

MWB के उत्तर भारत अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी के अनुसार संगठन का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ दिलाने की दिशा में काम करना है। उनका कहना है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले कई लोग सीमित संसाधनों के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।

ऐसे में दुर्घटना, गंभीर बीमारी या किसी अन्य आपात स्थिति में परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। इसी वजह से संगठन बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा को पत्रकार कल्याण का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है।

MWB की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार संगठन पिछले कुछ वर्षों से पत्रकारों को बिना सदस्यता शुल्क के दुर्घटना बीमा और टर्म इंश्योरेंस उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। संगठन ने संस्थापक सदस्यों और उनके परिवारों के लिए 33 लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल पॉलिसी की सुविधा का भी उल्लेख किया है।

हालिया रिपोर्टों में भी MWB की ओर से पत्रकारों के लिए 10 लाख रुपये तक के दुर्घटना और टर्म इंश्योरेंस तथा 33 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर से जुड़ी योजनाओं की जानकारी प्रकाशित हुई है।

पत्रकारों की पेंशन भी MWB के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही है। संगठन का कहना है कि उसने हरियाणा में पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने की मांग को लगातार उठाया है।

संगठन से जुड़ी पूर्व की रिपोर्टों के अनुसार पत्रकारों की पेंशन 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये किए जाने की मांग को लेकर MWB ने सरकार के सामने मुद्दा उठाया था। बाद में पेंशन राशि में बढ़ोतरी हुई।

अब संगठन पेंशन व्यवस्था में और बदलाव की मांग कर रहा है। MWB की ओर से सरकार को दिए गए मांगपत्र में मासिक पेंशन को न्यूनतम 30 हजार रुपये करने की मांग शामिल है।

इसके साथ ही संगठन ने पांच वर्ष की अनिवार्य मान्यता की शर्त हटाने और डिजिटल तथा स्वतंत्र पत्रकारों को भी पत्रकार कल्याण योजनाओं के दायरे में लाने की मांग रखी है।

संगठन का कहना है कि पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। डिजिटल मीडिया, स्वतंत्र पत्रकारिता और नए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में पत्रकार कल्याण से जुड़ी सरकारी नीतियों में भी इस बदलाव को जगह मिलनी चाहिए।

15 वर्ष की सेवा के बाद पेंशन की मांग

MWB के मांगपत्र में पत्रकारों की सेवा अवधि को लेकर भी बदलाव की मांग रखी गई है। संगठन के अनुसार 15 वर्ष की पत्रकारिता सेवा पूरी करने वाले पत्रकारों को 58 वर्ष की आयु से पेंशन का अधिकार मिलना चाहिए।

यह मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई पत्रकार लंबे समय तक अलग-अलग संस्थानों और माध्यमों के साथ काम करते हैं, लेकिन सरकारी मान्यता से जुड़े नियमों के कारण उन्हें हर सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता।

MWB का कहना है कि पत्रकार कल्याण की योजनाओं को केवल मान्यता प्राप्त पत्रकारों तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक पत्रकारिता करने वाले योग्य लोगों तक पहुंचाने पर भी विचार किया जाना चाहिए।

हालांकि ऐसी मांगों पर अंतिम निर्णय सरकार की नीतियों और संबंधित नियमों के आधार पर ही होगा। फिलहाल संगठन की ओर से इन मुद्दों को सरकार के सामने रखा गया है।

कैशलेस इलाज की मांग

पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी MWB के प्रमुख मुद्दों में रही है। संगठन ने हरियाणा सरकार के सामने पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है।

MWB की वेबसाइट पर प्रकाशित सामग्री के अनुसार संगठन ने इस मुद्दे को सरकार के सामने लगातार उठाया है। संगठन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने भी पत्रकारों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा को लागू करने की मांग रखी है।

MWB की ओर से यह भी कहा गया है कि पत्रकारों के परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है। किसी पत्रकार की बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में इलाज का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

संगठन ने राजस्थान मॉडल की तर्ज पर पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था की मांग भी रखी है।

इसके अलावा दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को पारिवारिक पेंशन दिए जाने की मांग भी मांगपत्र में शामिल बताई गई है।

बस यात्रा और बच्चों के लिए आरक्षण की मांग

MWB के मांगपत्र में पत्रकारों के लिए परिवहन और शिक्षा से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं। संगठन ने सरकारी बसों में पत्रकारों के लिए सीटें आरक्षित करने तथा निजी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की मांग की है।

इसके साथ ही पत्रकारों के बच्चों के लिए शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण की मांग भी रखी गई है।

इन मांगों का उद्देश्य पत्रकार परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का अतिरिक्त आधार उपलब्ध कराना बताया गया है। हालांकि इन प्रस्तावों पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।

पत्रकार संगठनों की ओर से समय-समय पर ऐसी मांगें सरकार के सामने रखी जाती रही हैं। इन मांगों में पत्रकारों की आर्थिक स्थिति, नौकरी की सुरक्षा और परिवारों के भविष्य से जुड़े विषय प्रमुख रहते हैं।

MWB ने पत्रकारों के लिए आवास सुविधा का मुद्दा भी उठाया है। संगठन ने पंचकूला में अपने मुख्यालय के लिए रियायती दर पर भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है।

इसके अलावा पत्रकारों के लिए विशेष आवासीय योजनाएं शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। संगठन का तर्क है कि पत्रकारों के लिए रियायती आवास उपलब्ध होने से लंबे समय से इस क्षेत्र में काम कर रहे पत्रकारों को राहत मिल सकती है।

फिलहाल यह मांग सरकार के विचाराधीन विषयों में है। किसी भी योजना को लागू करने के लिए सरकार की ओर से अलग प्रक्रिया और नियम तय किए जाने की जरूरत होगी।

कैथल में संगठन को ब्लॉक स्तर तक ले जाने की तैयारी

कैथल की नई कार्यकारिणी की घोषणा के साथ संगठन अब जिले में अपनी गतिविधियों को और विस्तार देने की तैयारी में है। MWB पहले से ही हरियाणा के अलग-अलग जिलों में संगठनात्मक इकाइयां बनाने की दिशा में काम कर रही है।

संगठन की वेबसाइट पर प्रकाशित हालिया जानकारी में भी हरियाणा में संगठन को उपमंडल स्तर तक विस्तार देने की योजना का उल्लेख है।

कैथल में नई कार्यकारिणी को जिम्मेदारी मिलने के बाद अब जिले के पत्रकारों से संपर्क बढ़ाने पर जोर रहने की उम्मीद है। उपमंडल और ब्लॉक स्तर पर बैठकें होने से स्थानीय पत्रकारों की समस्याओं को जिला स्तर तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

संगठन की ओर से प्रशिक्षण शिविरों की बात भी कही गई है। बदलते मीडिया माहौल में डिजिटल पत्रकारिता, सोशल मीडिया, मोबाइल रिपोर्टिंग, तथ्य जांच और पत्रकारिता की कानूनी जानकारी जैसे विषय ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा बन सकते हैं।

कैथल जिला कार्यकारिणी में किसे मिली जिम्मेदारी?

MWB की घोषित कैथल जिला कार्यकारिणी में सुखविंद्र सैनी को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी विजय मिगलानी, पुंडरी और ओ.पी. सैनी, चीका को दी गई है।

उपाध्यक्ष पद पर सूरज सहारण, संजय शर्मा और राजिंदर तंवर को जिम्मेदारी दी गई है। तीनों कैथल क्षेत्र से हैं।

मोहन नायक को महासचिव बनाया गया है। संयुक्त सचिव के पद पर रोहताश, कलायत, ललित ठकराल, प्रवेश बहादुर और रमेश तंवर को जिम्मेदारी दी गई है।

विक्रम यादव को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। मीडिया सचिव की जिम्मेदारी नरेंद्र राणा और अमित तनेजा को दी गई है।

कार्यकारिणी सदस्यों के तौर पर रोहताश शर्मा, गुलशन चुटानी, मनदीप शर्मा, सुनील जांगड़ा, अक्षय मिड्ढा, ओम प्रकाश उर्फ राजू और बहादुर सैनी को शामिल किया गया है।

नई जिला कार्यकारिणी के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी संगठन को केवल पदों तक सीमित रखने के बजाय जमीनी स्तर पर सक्रिय करना होगी। पत्रकारों के बीच संगठन की पहुंच तभी मजबूत होगी, जब स्थानीय समस्याओं को नियमित रूप से उठाया जाएगा।

कैथल जिले में पत्रकारों को काम के दौरान कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इनमें प्रशासनिक स्तर पर संवाद, सूचना प्राप्त करने में आने वाली दिक्कतें, सुरक्षा, डिजिटल मीडिया से जुड़ी समस्याएं और आर्थिक असुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।

ऐसे में जिला संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। पत्रकारों की किसी समस्या पर सामूहिक रूप से आवाज उठाना व्यक्तिगत प्रयास की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकता है।

इसके साथ ही संगठन के लिए यह भी जरूरी होगा कि पत्रकारों के बीच राजनीतिक या संस्थागत मतभेदों से ऊपर उठकर पेशेवर मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए।

पत्रकारिता बदल रही है, संगठन भी बदलने होंगे

आज पत्रकारिता का स्वरूप पहले की तुलना में काफी बदल चुका है। अखबार और टीवी के साथ डिजिटल न्यूज पोर्टल, सोशल मीडिया और मोबाइल पत्रकारिता तेजी से बढ़े हैं।

छोटे शहरों और कस्बों में काम करने वाले पत्रकार अब केवल स्थानीय अखबारों तक सीमित नहीं हैं। वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक खबर पहुंचा रहे हैं।

इस बदलाव के साथ पत्रकारों के सामने नई चुनौतियां भी आई हैं। फेक न्यूज, डिजिटल सुरक्षा, कानूनी नोटिस, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और खबरों की विश्वसनीयता जैसे मुद्दे पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं।

ऐसे माहौल में पत्रकार संगठनों के लिए केवल नियुक्तियां करना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें प्रशिक्षण, कानूनी जागरूकता, स्वास्थ्य सुरक्षा और पेशेवर सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी काम करना होगा।

MWB की कैथल जिला कार्यकारिणी की घोषणा संगठन के विस्तार की प्रक्रिया का हिस्सा है। अब नई टीम पर यह जिम्मेदारी होगी कि वह जिले के पत्रकारों के बीच अपनी सक्रिय भूमिका बनाए।

संगठन की ओर से आने वाले समय में उपमंडल और ब्लॉक स्तर पर बैठकें तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई है। अगर ये कार्यक्रम नियमित रूप से होते हैं, तो स्थानीय पत्रकारों के लिए संवाद और सहयोग का एक मंच तैयार हो सकता है।

फिलहाल पत्रकारों के बीमा, कैशलेस इलाज, पेंशन, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे संगठन के एजेंडे में प्रमुख हैं। MWB इन मुद्दों को सरकार के सामने लगातार उठाने की बात कह रही है।

कैथल में नई टीम बनने के बाद अब देखना होगा कि संगठन इन मांगों को जिला स्तर पर किस तरह आगे बढ़ाता है और स्थानीय पत्रकारों की समस्याओं को कितनी प्रभावी तरीके से संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाता है।

पत्रकारों का सम्मान केवल पुरस्कार या कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि उनके काम के दौरान सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और मुश्किल समय में परिवार के लिए सुरक्षा व्यवस्था से भी जुड़ा है। यही वजह है कि पत्रकार कल्याण से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में बने हुए हैं।

MWB की नई कैथल जिला कार्यकारिणी के सामने अब इसी दिशा में काम करने की जिम्मेदारी है। संगठन के पदाधिकारियों की सक्रियता और आने वाले कार्यक्रम यह तय करेंगे कि नई टीम कैथल के पत्रकारों के बीच कितनी मजबूत भूमिका बना पाती है।

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