नाभा नगर परिषद बैठक में निर्वाचित महिलाओं को दरकिनार करना लोकतंत्र का अपमान: परमजीत सिंह कैंथ

नाभा नगर परिषद बैठक में निर्वाचित महिलाओं को दरकिनार करना लोकतंत्र का अपमान: परमजीत सिंह कैंथ

नारी शक्ति के नाम पर राजनीति करने वाली आम आदमी पार्टी की असलियत नाभा नगर परिषद की बैठक में सामने आई—निर्वाचित महिलाओं को दरकिनार करना लोकतंत्र का अपमान: कैंथ

निर्वाचित महिला एमसी की भूमिका और गैर-निर्वाचित व्यक्तियों की मौजूदगी पर सत्ताधारी पक्ष दे स्पष्टीकरण—आधिकारिक रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच जरूरी: कैंथ

चंडीगढ़/12 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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नाभा नगर परिषद की हालिया बैठक से संबंधित एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में सत्ताधारी पक्ष की निर्वाचित महिला एमसी नजर नहीं आ रही हैं, जबकि कुछ गैर-निर्वाचित व्यक्ति बैठक में दिखाई दे रहे हैं। केवल वीडियो के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसलिए पूरी स्थिति का आधिकारिक रिकॉर्ड के माध्यम से सत्यापन करना जरूरी है।

गंभीर चिंता का विषय

भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने कहा कि यदि वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति बैठक की वास्तविक तस्वीर है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी, सम्मान और अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

कैंथ के तीखे सवाल

कैंथ ने सवाल किया कि निर्वाचित महिला एमसी बैठक में क्यों नजर नहीं आ रही हैं? क्या वे बैठक में उपस्थित थीं? क्या उन्हें नियमों के अनुसार सूचना और बैठक में भाग लेने का अवसर दिया गया था? वीडियो में नजर आ रहे गैर-निर्वाचित व्यक्ति किस हैसियत से बैठक में मौजूद थे? उन्होंने कहा कि इन सवालों के जवाब राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि आधिकारिक दस्तावेजों और निष्पक्ष जांच के माध्यम से मिलने चाहिए।

कैंथ ने मांग की कि बैठक का उपस्थिति रजिस्टर, बैठक नोटिस, एजेंडा, मिनट्स/कार्यवाही, कोरम का रिकॉर्ड और पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर तथ्य सार्वजनिक किए जाएं। नाभा की जनता को यह जानने का अधिकार है कि उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों की बैठक में क्या भूमिका रही और कार्यवाही किन नियमों के तहत हुई।

उन्होंने हलका विधायक गुरdev सिंह देव मान, नगर परिषद अध्यक्ष और ईओ से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि निर्वाचित महिला पार्षदों की उपस्थिति और भागीदारी क्या थी तथा गैर-निर्वाचित व्यक्तियों को किस नियम या अधिकार के तहत बैठक में मौजूद रहने की अनुमति दी गई।

कैंथ ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान के दावों को केवल नारों तक सीमित न रखे। यदि महिलाओं को स्थानीय सरकार में चुनकर भेजा गया है, तो उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में वास्तविक, समान और सम्मानजनक भागीदारी भी मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है। यदि जांच में यह सामने आता है कि निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को जानबूझकर निर्णय प्रक्रिया से दूर रखा गया या उनके अधिकारों की अनदेखी हुई, तो संबंधित राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

कैंथ ने कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड और पूरी वीडियो की निष्पक्ष जांच के बाद यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो मामला एडीसी पटियाला, डायरेक्टर लोकल गवर्नमेंट पंजाब, मुख्य सचिव पंजाब और मुख्यमंत्री पंजाब के ध्यान में लाया जाएगा। कैंथ ने कहा कि नाभा की जनता को तथ्यों के आधार पर स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं की पारदर्शिता एवं मर्यादा कायम रहनी चाहिए।

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