नगर निकाय कर्मचारियों की हड़ताल पर रोहतक में होगा बड़ा फैसला, आंदोलन तेज करने को लेकर बैठक कल

चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन की तीन दिवसीय हड़ताल को आगे बढ़ाने तथा आंदोलन को तेज करने को लेकर मंगलवार को निर्णायक फैसला लिया जाएगा। इस संबंध में दोनों संगठनों की संयुक्त राज्य कार्यकारिणी की बैठक 11 अगस्त को कर्मचारी भवन, रोहतक में बुलाई गई है, जिसमें आगामी आंदोलन की पूरी रणनीति तय की जाएगी। इस हड़ताल के चलते प्रदेश भर में निकाय व दमकल सेवाएं काफी प्रभावित हुई हैं।
हड़ताल से 83 निकाय और 103 दमकल केंद्र प्रभावित
नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने दावा किया है कि प्रदेश के 83 निकायों और अग्निशमन विभाग के 103 दमकल केंद्रों में करीब 50 हजार कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इस हड़ताल की वजह से सफाई व्यवस्था, सीवर, पार्क, स्ट्रीट लाइट समेत विभिन्न जनसेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी हैं और इसके साथ ही निकाय कार्यालयों का कामकाज भी पूरी तरह से बाधित हुआ है।
13 मई को हुए समझौते को लागू न करने का विरोध
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि गत 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते के दौरान कुल 17 मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन उन मांगों को अभी तक लागू नहीं किया गया है। इन प्रमुख मांगों में ठेका प्रथा को पूरी तरह से समाप्त करना, कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेना, नियमित होने तक न्यूनतम वेतन देना, ईएसआइ-ईपीएफ की सुविधा देना, जोखिम भत्ता प्रदान करना और नई नियमित भर्तियां करना शामिल है।
पदों को समाप्त करने का विरोध और वीरू वाल्मीकि हत्याकांड पर न्याय की मांग
कर्मचारियों ने पालिका, परिषद और निगमों में ग्रुप-डी तथा ग्रुप-सी के करीब 1450 पदों को समाप्त करने और लगभग 300 अन्य पदों को समाप्ति प्रक्रिया में डालने का कड़ा विरोध किया है। उनका साफ कहना है कि इन पदों के खत्म होने से जनसेवाओं पर बहुत बुरा और सीधा असर पड़ेगा। इसके अलावा, हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने करनाल में सफाई कर्मचारी के पुत्र वीरू वाल्मीकि की हत्या के मामले में भी कड़ा रोष जताते हुए न्याय की मांग उठाई है। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि, एक सरकारी नौकरी और सभी आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।