नारनौल में छुट्टी के बाद ड्यूटी पर नहीं पहुंचा आईटीबीपी जवान, दो महीने से मोबाइल बंद और परिवार परेशान

नारनौल के कनीना क्षेत्र के गांव नौताना के रहने वाले एक आईटीबीपी जवान के छुट्टी पूरी होने के बाद भी ड्यूटी पर नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है। जवान का मोबाइल फोन भी पिछले करीब दो महीने से लगातार बंद आ रहा है। पंचकूला स्थित 50वीं वाहिनी आईटीबीपी से परिवार को एक पत्र मिला है, जिसके बाद परिजनों की चिंता काफी बढ़ गई है। इसके बाद परिजनों ने थाना सदर कनीना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवा दी है। पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर लिया है और जवान की तलाश शुरू कर दी है।
जवान के पिता फूलचंद ने मंगलवार को मीडिया को जानकारी दी कि उनके बड़े बेटे योगेश की उम्र 38 वर्ष है। योगेश जून 2006 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। वर्तमान समय में उनकी तैनाती चंडीगढ़ में चल रही है। योगेश विवाहित हैं और उनके दो बच्चे भी हैं। वह नौ जून 2026 को एक महीने की छुट्टी लेकर अपने घर आए थे। अपनी छुट्टी पूरी होने के बाद वह आठ जुलाई को अपने घर से ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद से ही उनका मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा है।परिजनों ने कई बार फोन पर संपर्क करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन योगेश से किसी भी तरह की बात नहीं हो सकी। इसी दौरान पंचकूला की 50वीं वाहिनी आईटीबीपी से परिवार को एक पत्र प्राप्त हुआ। इस पत्र में योगेश के निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं पहुंचने की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई थी।पिता फूलचंद ने यह भी बताया कि योगेश की पत्नी पिछले करीब पांच साल से अपने मायके में ही रह रही है। उनके दोनों बच्चे गांव में अपने दादा के पास ही रहते हैं। उन्होंने आगे बताया कि योगेश एक साल के भीतर तीसरी बार लापता हुए हैं। इससे पहले भी वह दो बार लापता हो चुके हैं। एक बार वह 15 दिन बाद बाघोत मेले में मिले थे। जबकि दूसरी बार वह एक महीने बाद कनीना अस्पताल में अपने पैर का इलाज कराते हुए मिले थे।पुलिस ने इस मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली है और विभिन्न स्थानों पर सूचना भेज दी है। सीसीटीएनएस के माध्यम से एफआईआर की प्रतियां संबंधित अधिकारियों और क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट को भेज दी गई हैं। पुलिस अब सभी संभावित पहलुओं को पूरी तरह ध्यान में रखकर इस मामले की जांच कर रही है।