नारनौल में बैंकों की एक दिवसीय हड़ताल से कामकाज पूरी तरह ठप, ग्राहक परेशान

नारनौल में पांच दिवसीय बैंकिंग और समान पीएलआई की मांग को लेकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया है।जिले की 166 सरकारी बैंक शाखाओं में शुक्रवार को कर्मचारियों और अधिकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की।हड़ताल के चलते बैंकों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा है।
ग्राहकों को हुई परेशानी
कैश जमा कराने, पैसे निकलवाने और अन्य बैंकिंग लेन-देन के लिए पहुंचे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।कई ग्राहक शाखाओं के बाहर से ही वापस लौट गए हैं।
बैंक अधिकारियों और यूनियन का पक्ष
पंजाब नेशनल बैंक के सीनियर मैनेजर एचआर सब्रवाल ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव में समानता शामिल है।उन्होंने कहा कि पिछले कई सेटलमेंट में भी पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग उठाई गई, लेकिन हर बार आश्वासन के बावजूद अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी सुबह 10 बजे से शाम छह से सात बजे तक सेवाएं देते हैं।इससे उनका वर्क-लाइफ बैलेंस प्रभावित होता है।भारतीय रिजर्व बैंक और एलआईसी समेत कई संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू है, लेकिन बैंकिंग क्षेत्र अभी इससे वंचित है।
बैंक यूनियन के सुनील कुमार ने कहा कि सरकारी बैंकों ने जनधन योजना सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।इसके बावजूद कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।उन्होंने बताया कि स्केल-तीन तक के कर्मचारियों को 15 दिन की पीएलआई दी गई है, जबकि स्केल-चार और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए अलग व्यवस्था है।उन्होंने सभी कर्मचारियों के लिए समान पीएलआई की मांग की है।
हड़ताल की आगे की चेतावनी
बैंक यूनियन ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो महीने के अंत में तीन दिन की हड़ताल होगी।दो साप्ताहिक अवकाश के साथ बैंकिंग सेवाएं पांच दिन प्रभावित हो सकती हैं।अक्टूबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी गई है।