नारनौल में बड़ा हादसा: जोहड़ में मिला पूर्व सरपंच का शव, ग्रामीणों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

नारनौल के नांगल चौधरी कस्बे के अकड़ बम जोहड़ में गुरुवार सुबह एक बड़ी घटना सामने आई है। यहाँ पूर्व सरपंच मालाराम चौधरी का शव पानी में तैरता हुआ मिला है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। सुबह के समय जब स्थानीय लोगों ने जोहड़ में शव को तैरते हुए देखा, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नारनौल के अस्पताल में भिजवा दिया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच शुरू कर चुकी है।
ग्रामीणों में शोक और पुलिस कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के लोग मौके पर एकत्रित हो गए। पूर्व सरपंच मालाराम चौधरी के अचानक निधन की खबर से उनके परिचितों, समर्थकों और सभी ग्रामीणों में गहरा दुख व्याप्त हो गया है। पुलिस की ओर से इस मामले में सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल मौत के असली कारणों का पता केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के पूरा होने के बाद ही चल सकेगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद अकड़ बम जोहड़ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जोहड़ के चारों ओर मजबूत रेलिंग, तारबंदी और चेतावनी बोर्ड नहीं होने के कारण यहाँ हमेशा हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 15 दिन पहले भी एक अन्य व्यक्ति इस जोहड़ में गिर गया था, जिसे समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। इसके अलावा, करीब पाँच महीने पहले भी एक अन्य व्यक्ति को ग्रामीणों ने खुद तैरकर बचाया था।
नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ लोगों में नाराजगी
लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोई भी स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्थायी सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण स्थानीय लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जोहड़ के चारों ओर तुरंत मजबूत रेलिंग, तारबंदी, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।