नारनौल की बेटी आयशा का नासा के शैक्षणिक भ्रमण के लिए हुआ चयन

नारनौल के गांव भाखंरी निवासी छात्रा आयशा का चयन अमेरिका स्थित अंतरिक्ष एजेंसी नासा के शैक्षणिक भ्रमण के लिए हुआ है। गणित ओलंपियाड में राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने के बाद उसे अमेरिका जाने का यह सुनहरा अवसर मिला है। कम उम्र में नासा का शैक्षणिक दौरा करने वाली क्षेत्र की पहली छात्रा मानी जा रही आयशा की इस बड़ी उपलब्धि से गांव, स्कूल और परिवार में बेहद खुशी का माहौल है।
गणित ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन
आयशा गांव गोद बलाहा स्थित कर्मभूमि विंग स्कूल में कक्षा छठी की छात्रा है। मंगलवार को उसने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उसने कक्षा पांचवीं में मिटस्योर मैथमैटिक्स ओलंपियाड में हिस्सा लिया था। स्कूल स्तर की परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल करने के बाद उसने जिला स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी बहुत शानदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के बाद उसे जयपुर शहर में आयोजित एक विशेष इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था।
तीन सदस्यीय ज्यूरी के सवालों के दिए सही जवाब
जयपुर में तीन सदस्यीय ज्यूरी ने आयशा से विभिन्न विषयों से जुड़े कई कठिन सवाल पूछे थे। होनहार छात्रा आयशा ने ज्यूरी द्वारा पूछे गए लगभग सभी सवालों के बिल्कुल सही जवाब दिए। इसी बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर उसका चयन अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा के शैक्षणिक भ्रमण के लिए आधिकारिक तौर पर किया गया है।
अगले माह अमेरिका रवाना होगी आयशा
फिलहाल आयशा का पासपोर्ट बनने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और वह अगले माह अमेरिका के लिए रवाना होगी। आयशा के पिता राजकुमार भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनके परिवार ने इस प्रतियोगिता को एक सामान्य परीक्षा समझा था। लेकिन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता मिलने के बाद उन्हें अपनी बेटी की असली प्रतिभा का अहसास हुआ। आयशा की माता स्नेहलता ने बताया कि आयशा बचपन से ही अपनी पढ़ाई के प्रति बेहद मेहनती रही है।
स्कूल और ग्रामीणों में खुशी की लहर
विद्यालय की डायरेक्टर डॉ. रीना यादव ने गर्व से कहा कि आयशा एक अत्यंत मेधावी छात्रा है और गणित विषय में उसकी बहुत विशेष रुचि है। उन्होंने कहा कि इस नासा भ्रमण से आयशा को विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान को बेहद करीब से समझने का अनूठा अवसर मिलेगा। क्षेत्र के सभी ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन ने उसकी इस शानदार उपलब्धि पर गहरी खुशी जताई है और इसे अन्य सभी विद्यार्थियों के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया है।