नारनौल में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, 1947 का दर्द देखकर भावुक हुआ सभागार

नारनौल में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, 1947 का दर्द देखकर भावुक हुआ सभागार

नारनौल में राजकीय पीजी कॉलेज के सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में उपायुक्त अनुपमा अंजली ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान 1947 के विभाजन की त्रासदी, विस्थापन, अपनों से बिछड़ने का दर्द और लाखों लोगों के बलिदान को याद किया गया। वहां मौजूद लोग ऐतिहासिक घटनाओं को देखकर भावुक हो उठे।

चित्र प्रदर्शनी में दिखी 1947 की त्रासदी

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

कार्यक्रम से पहले उपायुक्त ने कॉलेज प्रांगण में लगाई गई चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में विभाजन से जुड़ी तस्वीरें और दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेज प्रदर्शित किए गए थे। इनमें पैदल पलायन करते परिवार, सामान से लदी बैलगाड़ियां, अपनों की तलाश में भटकते बच्चे और शरणार्थी शिविरों में जीवन गुजारते लोगों की तस्वीरें शामिल थीं। इन तस्वीरों के माध्यम से 1947 की त्रासदी को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।

उपायुक्त अनुपमा अंजली के विचार

उपायुक्त अनुपमा अंजली ने कहा कि 14 अगस्त केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज एक तारीख नहीं है। यह हमारे पूर्वजों के संघर्ष, त्याग और अकथनीय पीड़ा का गवाह है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को यह जानना जरूरी है कि देश को मिली आजादी की कीमत कितनी भारी थी। विभाजन के दौरान जिन लोगों ने अपना घर, परिवार और सब कुछ खो दिया, उनकी पीड़ा को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन

कार्यक्रम के दौरान विभाग की ओर से तैयार की गई डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इसमें विभाजन की त्रासदी, शरणार्थियों के संघर्ष और उस दौर में इंसानियत के सामने आई चुनौतियों को दर्शाया गया। डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन के दौरान सभागार में सन्नाटा छा गया और दर्शक भाव-विभोर नजर आए।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोग

इस मौके पर जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी अमित चौधरी और राजकीय पीजी कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य नरेश यादव उपस्थित रहे। इसके अलावा डॉ. आरपी सिंह, डॉ. सुनील कुमार सहित शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारी, गणमान्य नागरिक और छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।

Share:

Comments

Leave a comment