नारनौल में सफाई कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, नगर परिषद गेट पर जड़ा ताला और फूंका निकाय मंत्री का पुतला

नारनाैल में 18 अगस्त को सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने गेट पर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सभी कर्मचारी जुलूस के रूप में महावीर चौक पहुंचे। यहाँ कर्मचारियों ने निकाय मंत्री विपुल गोयल का पुतला जलाकर सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया। प्रदर्शन के अंत में कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो इस आंदोलन को और भी ज्यादा तेज किया जाएगा।
कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से लगातार कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को तुरंत नियमित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही 13 मई 2026 को सरकार और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के बीच हुए समझौते को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। संघ के नेताओं ने यह गंभीर आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार ने पिछले 12 वर्षों में ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के विभिन्न पदों पर भर्तियां की हैं। लेकिन इसके बावजूद सफाई कर्मचारियों की कोई नियमित भर्ती नहीं की गई है।
वादाखिलाफी का लगाया आरोप और हड़ताल की वजह
कर्मचारी नेताओं ने मीडिया को जानकारी दी कि सरकार ने राज्य यूनियन के साथ यह भरोसा जताया था कि 30 दिनों के भीतर सभी मांगों का समाधान कर दिया जाएगा। लेकिन अफसोस की बात यह है कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी बात के विरोध स्वरूप कर्मचारियों ने छह अगस्त से अपनी हड़ताल शुरू की थी। इस प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने खुलकर सरकार पर वादाखिलाफी करने का गंभीर आरोप लगाया।
शहीद कर्मचारियों के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग
कर्मचारी नेताओं ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा कि अग्निशमन विभाग के शहीद कर्मचारियों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। इसके साथ ही उनके एक-एक पारिवारिक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई थी, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से सरकार से मांग की है कि इस पुरानी घोषणा को जल्द से जल्द लागू किया जाए।
सफाई व्यवस्था हुई बुरी तरह प्रभावित
सफाई कर्मचारियों की इस चल रही लंबी हड़ताल के कारण पूरे शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो चुकी है। शहर के बाजारों, गली-मोहल्लों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण आम स्थानीय लोगों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।