नारनौल के मंदिर से प्राचीन प्रतिमा गायब, ट्रस्ट प्रधान समेत छह लोगों पर केस दर्ज

नारनौल के निजामपुर थाना क्षेत्र के गांव ब्राह्मणवास नौ स्थित प्रसिद्ध बाबा रामेश्वरदास मंदिर से समाधि पर स्थापित प्राचीन आदमकद प्रतिमा हटाने का मामला सामने आया है। ट्रस्ट उपाध्यक्ष की शिकायत पर निजामपुर पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई श्रद्धालुओं और ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की सहमति के बिना की गई है।
ट्रस्ट उपाध्यक्ष ने दर्ज कराई शिकायत
मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता ने गुरुवार को लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उनकी शिकायत के आधार पर निजामपुर थाना पुलिस ने ट्रस्ट के प्रधान समेत छह नामजद व्यक्तियों और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ओमप्रकाश गुप्ता ने प्रतिमा हटाने के पीछे एक बड़ा षड्यंत्र होने का आरोप लगाया है।
तीन अगस्त की बैठक में हुआ था विरोध
ओमप्रकाश गुप्ता ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि बाबा रामेश्वरदास ट्रस्ट की तीन अगस्त 2026 को एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक के दौरान अधिकांश ट्रस्टियों ने मंदिर में स्थापित प्राचीन प्रतिमा को बदलने का कड़ा विरोध किया था। इसके बावजूद दो सितंबर को कथित तौर पर षड्यंत्र के तहत बाबा रामेश्वरदास की आदमकद प्रतिमा को समाधि स्थल से हटाकर अन्यत्र ले जाया गया।
पुलिस जांच और मौके की स्थिति
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रतिमा हटाए जाने की सूचना मिलने पर एसआई विजेंद्र कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मंदिर परिसर में पहुंचे। जांच के दौरान मौके पर बाबा रामेश्वरदास की समाधि पर स्थापित प्राचीन आदमकद प्रतिमा गायब मिली। इसके बाद पुलिस ने ट्रस्ट उपाध्यक्ष की लिखित शिकायत के आधार पर औपचारिक मामला दर्ज करके अपनी जांच शुरू कर दी है।
इन लोगों पर दर्ज हुआ है मामला
पुलिस में दी गई शिकायत में जयपुर निवासी ट्रस्ट प्रधान सुरेश केडिया, दिल्ली निवासी सागरमल शर्मा, पालम निवासी हनुमान भारद्वाज का नाम शामिल है। इसके अलावा खरखड़ा-पाटन निवासी हरदयान, बसई निवासी नरेंद्र जांगड़ा और नांगलिया निवासी नाथजोगी सहित अन्य लोगों पर प्रतिमा हटाने की साजिश में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पुलिस अब इस मामले में सभी नामजद आरोपियों से पूछताछ कर रही है और प्रतिमा को हटाए जाने के कारणों तथा उसे कहां ले जाया गया है, इसकी पूरी जानकारी जुटा रही है। इस पूरी घटना को लेकर मंदिर से जुड़े हुए स्थानीय श्रद्धालुओं में भी काफी नाराजगी देखने को मिल रही है।