नारनौल में युवक का अपहरण कर मारपीट और लूटपाट का मामला, सीआईए ने चौथे आरोपी को किया गिरफ्तार

नारनौल शहर में एक युवक का अपहरण करके उसके साथ मारपीट करने तथा नकदी व मोबाइल फोन लूटने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीआईए नारनौल ने इस मामले में चौथे आरोपी को जलमहल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान राजस्थान के सीकर जिले के गांव जिलो निवासी गोपाल के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त कैंपर वाहन तथा तीन लाठियां बरामद कर चुकी है।
घटना की पूरी जानकारी और मुख्य बिंदु
डीएसपी मुख्यालय भारत भूषण ने सोमवार को इस मामले की पूरी जानकारी दी है। डीएसपी ने बताया कि 14 अगस्त 2026 को गांव नांगतिहाड़ी निवासी गौरव अपने खेत से वापस अपने घर लौट रहा था। रास्ते में एक कैंपर वाहन ने गौरव का रास्ता रोक लिया। वाहन से मोनू और गौरा नीचे उतरे। इन दोनों ने लाठी-डंडों से गौरव के साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने जबरन गौरव को कैंपर वाहन के अंदर बैठा लिया। इस कैंपर वाहन को दिलबाग चला रहा था।
मारपीट के बाद छीने पैसे और मोबाइल फोन
आरोपी युवक को रास्ते में लगातार मारते-पीटते हुए नसीबपुर बस अड्डे की ओर लेकर गए। नसीबपुर बस अड्डे के पास पहुंचने पर आरोपियों ने गौरव के साथ दोबारा से मारपीट की। आरोपियों ने गौरव की जेब से दो हजार रुपये और उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। इसके बाद आरोपी घायल गौरव को नसीबपुर बस स्टैंड के पास ही छोड़कर वहां से फरार हो गए। इस गंभीर घटना के बाद घायल गौरव को नारनौल के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में गौरव की हालत गंभीर होने के चलते डॉक्टरों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
घायल की शिकायत के आधार पर 18 अगस्त को थाना सिटी नारनौल में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए ठीक अगले दिन यानी 19 अगस्त को दिलबाग, मोनू और गौरा को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया कैंपर वाहन और तीन लाठियां बरामद कर ली थीं। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अब इस मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए सीआईए नारनौल ने गोपाल को भी नारनौल के जलमहल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पुलिस की जांच में इस वारदात के अंदर गोपाल की सक्रिय भूमिका सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया है।