नरवाना में आर्य समाज द्वारा यज्ञ हवन का आयोजन और रोहतक में पाखंडवाद के खिलाफ सम्मेलन

नरवाना में आर्य समाज द्वारा यज्ञ हवन का आयोजन और रोहतक में पाखंडवाद के खिलाफ सम्मेलन

नरेंद्र जेठी/नरवाना /30 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

नरवाना में आज आर्य समाज के प्रांगण में सबसे पहले यज्ञ हवन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम के बाद हरियाणा में बढ़ रहे पाखंडवाद के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष कदम उठाया गया। रोहतक के दयानंद मठ में एक विशाल सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में आर्य समाज के प्रधान चंद्रकांत आर्य के मार्गदर्शन में कुल 300 समाजसेवी, शिक्षकगण और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

पाखंडवाद के खिलाफ जागरूकता और समाज की एकता

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आर्य समाज प्रधान चंद्रकांत आर्य ने इस अवसर पर विशेष जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज का शोषण करने वाले पाखंडियों और दुराचारियों के छल, बल, प्रपंच और कपट के खिलाफ समाज में जागरूकता लाना बेहद जरूरी है। यह कदम समाज और राष्ट्र की एकता तथा अखंडता के लिए पूरी तरह अनिवार्य है। ये पाखंडी आश्रमों में महिलाओं और युवतियों का भावनात्मक, शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आत्मिक शोषण कर रहे हैं। इसके साथ ही ये पुरुषों के धन और संपत्ति का भी जमकर दोहन कर रहे हैं।

राष्ट्र की धरोहर और महान चरित्रों पर आक्षेप

यह पाखंडी लोग हमारे राष्ट्र की धरोहर और ज्ञान-विज्ञान के आधार तथा प्रेरणा स्रोत पर भी सवाल उठा रहे हैं। ये वेद शास्त्र, रामायण, महाभारत के महान पात्रों और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चंद्र जी महाराज तथा योगीराज श्री कृष्ण चंद्र महाराज पर आक्षेप लगा रहे हैं। इसके अलावा ये तपोवनिष्ठ शिव जी और अखंड ब्रह्मचारी हनुमान जी जैसे महापुरुषों के जीवन चरित्र पर भी सवाल उठाकर समाज को लगातार गुमराह कर रहे हैं।

ऋषि दयानंद का योगदान और समाज की स्थिति

जयपाल सिंह आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि ऋषि दयानंद देश और समाज सुधार तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के मुख्य सूत्रधार रहे हैं। उन्होंने आधुनिक विश्व के निर्माण में भी बेहद अहम योगदान दिया है। आज के समय में कुछ महादुष्ट लोग इन महान शख्सियत पर भी आक्षेप लगा रहे हैं। आम समाज दिन-प्रतिदिन इन मूर्ख पाखंडियों के चक्कर में फंसता जा रहा है। इसके कारण आम लोग दुख के सागर में डूब रहे हैं, जबकि पाखंडी लोग मौज-मस्ती और ऐसो-आराम का जीवन जी रहे हैं। अतः इनकी दुकानों और धर्म की आड़ में चल रहे इन धंधों को पूरी तरह खत्म करने के लिए समाज में जागरूकता फैलाना बेहद अनिवार्य है।

सम्मेलन में शामिल प्रमुख लोग

इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले मुख्य लोगों में धर्मपाल आर्य, बलबीर सिंह, किताब सिंह, ललित और प्राचार्य मनोज कुमार शामिल रहे। इसके अलावा सीमा, मीना गर्ग और अन्य कई आर्यगण तथा स्टाफ सदस्य भी इस सम्मेलन में विशेष रूप से मौजूद रहे।

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