नरवाना ब्लॉक समिति के उप-चेयरमैन रविंद्र नैन ने भ्रष्टाचार के मामलों में जांच न होने पर पद से दिया इस्तीफा

नरवाना ब्लॉक समिति के उप-चेयरमैन रविंद्र नैन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
01 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
नरेन्द्र जेठी की रिपोर्ट के अनुसार, नरवाना ब्लॉक समिति के उप-चेयरमैन रविंद्र नैन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह बड़ा कदम भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच और कार्रवाई न होने से परेशान होकर उठाया है। रविंद्र नैन ने अपना यह इस्तीफा जींद के उपायुक्त को सौंप दिया है।
आरटीआई के जरिए सामने लाए थे फर्जीवाड़े के सबूत
रविंद्र नैन ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने करीब एक साल पहले सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जरिए ब्लॉक समिति और प्रशासनिक स्तर पर कथित बड़े फर्जीवाड़े से जुड़े सबूत और जानकारी सबके सामने रखी थी। उनका मुख्य आरोप यह है कि लगातार शिकायतें करने के बाद भी इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।
कई बड़े अधिकारियों को भेजे थे दस्तावेज
रविंद्र नैन के मुताबिक, उन्होंने फर्जीवाड़े से जुड़े सभी दस्तावेज और सबूत मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), उपायुक्त, एसडीएम और जिला परिषद के सीईओ जैसे कई बड़े अधिकारियों को भेजे थे। उनका यह आरोप है कि बार-बार शिकायत करने और जांच की मांग के बावजूद करीब एक साल से यह मामला पूरी तरह से अटका हुआ है।
सरकारी पैसे के गलत इस्तेमाल को उजागर करना था मकसद
उन्होंने कहा कि एक चुने हुए प्रतिनिधि के तौर पर उनका मुख्य मकसद सरकारी पैसे के गलत इस्तेमाल और भ्रष्टाचार के मामलों को सबके सामने उजागर करना था। उनका यह साफ लक्ष्य था कि निष्पक्ष जांच होने के बाद सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। रविंद्र नैन ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस बारे में अधिकारियों के दफ्तरों के कई चक्कर लगाए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कहीं से भी इंसाफ नहीं मिला।
पद पर बने रहने का नहीं है कोई मतलब
रविंद्र नैन ने सवाल उठाया कि जब एक चुने हुए प्रतिनिधि की शिकायत पर भी एक साल तक कोई सुनवाई नहीं होती और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच नहीं होती, तो आम जनता की शिकायतों का क्या होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी खराब हालत में अब इस पद पर बने रहने का कोई भी मतलब नहीं बनता है।