नरवाना कोर्ट में फर्जी जमानतदार और जाली दस्तावेजों से धोखाधड़ी का मामला दर्ज

नरवाना कोर्ट में फर्जी जमानतदार और जाली दस्तावेजों से धोखाधड़ी का मामला दर्ज

नरवाना उप-मंडल कोर्ट में फर्जी जमानतदार और जाली दस्तावेजों का उपयोग कर गुमराह करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। कोर्ट के सख्त निर्देश पर थाना शहर नरवाना में 3 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला चोरी और अन्य आपराधिक आरोपों में फंसे आरोपी रमेश निवासी उकलाना, हिसार की जमानत से जुड़ा है।

उसकी जमानत के लिए फतेहाबाद के चौबारा गांव के निवासी बलबीर पुत्र पातराम के नाम से जमानत बॉन्ड और जमीन के कागजात यानी जमाबंदी पेश किए गए थे। कोर्ट को जमानतदार पर संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस जांच के आदेश दिए गए। जांच अधिकारी पीएसआई मोहित ने गांव के सरपंच और मूल बलबीर से पड़ताल की। इसमें खुलासा हुआ कि असली बलबीर कभी कोर्ट में पेश ही नहीं हुआ था। किसी अज्ञात व्यक्ति ने बलबीर का फर्जी आधार कार्ड और उसकी जमीन की जमाबंदी का इस्तेमाल कर खुद को जमानतदार के रूप में कोर्ट में पेश किया था। इस तरह आरोपी रमेश को फर्जी जमानतदार के जरिए जमानत दिलाने की कोशिश की गई थी।

पहचानकर्ता और फर्जी जमानतदार का खुलासा

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कोर्ट की जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी जमानतदार की पहचान आमीन पुत्र अब्दुल खान निवासी चौबारा, फतेहाबाद ने की थी। आमीन ने असली बलबीर का ग्रामीण होने के बावजूद एक अज्ञात व्यक्ति को बलबीर बताकर कोर्ट में झूठी पहचान कराई थी। वर्तमान में आमीन किसी अन्य मामले में सिरसा जेल में बंद है। पुलिस ने आरोपी रमेश, फर्जी जमानतदार बनने वाले अज्ञात व्यक्ति और पहचानकर्ता आमीन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

राजस्व रिकॉर्ड से प्रविष्टि हटाने और गैर-जमानती वारंट के निर्देश

कोर्ट के आदेश में असली भू-स्वामी की जमीन से बोझ हटाया गया है और एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। धोखाधड़ी के शिकार हुए असली बलबीर की जमीन पर दर्ज जमानत संबंधी प्रविष्टि या एंट्री को राजस्व रिकॉर्ड से तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है। वहीं मुख्य आरोपी रमेश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर उसे 5 सितंबर 2026 तक पेश करने کے निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने इसे धोखाधड़ी, कूटरचित यानी फर्जी दस्तावेज तैयार करने और कोर्ट के साथ जालसाजी का स्पष्ट मामला मानते हुए थाना शहर नरवाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। कोर्ट के आदेश प्राप्त होने के बाद थाना शहर नरवाना पुलिस ने आरोपी रमेश, फर्जी जमानतदार बने अज्ञात व्यक्ति और पहचानकर्ता आमीन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 318(4), 319, 336(2), 336(3), 338, 340 और 61 के तहत मुकदमा नंबर 156 दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी है।

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