नरवाना: धमतान साहिब में संत रविदास जी के प्रकाशोत्सव पर समरसता संकल्प अभियान के तहत पावन कलश वितरण

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने मानवता, शिक्षा, सामाजिक समानता और आपसी भाईचारा का संदेश समाज को दिया।
नरेंद्र जेठी /नरवाना / 23 अगस्त 2026 / अटल हिन्द ब्यूरो
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में 'समरसता संकल्प अभियान' के तहत पावन कलश वितरण समारोह का आयोजन धमतान साहिब स्थित गुरु रविदास मंदिर में किया गया। इस भव्य समारोह में हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
गुरु रविदास जी की शिक्षाएं और विचार
समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि जिस कालखंड में छुआछूत और जात-पात का बोलबाला था, उस समय संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने मानवता, शिक्षा, सामाजिक समानता और आपसी भाईचारा का संदेश समाज को दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी पूरी तरह प्रासांगिक हैं। गुरु रविदास जी ने स्पष्ट संदेश दिया कि व्यक्ति छोटा या बड़ा उसके जन्म या जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्मों से होता है। गुरु रविदास जी का मानना था कि जैसा चाहूं राज मैं, जहां सभन को मिले अन्न, छोटन बड़ा कोई ना हो, रैदास रहे प्रसन्न।
संत सर्व समाज के मार्गदर्शक
कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि साधु-संत और महात्मा किसी विशेष समाज के नहीं, बल्कि सर्व समाज के मार्गदर्शक होते हैं। आदिकाल से ही संतों, सूफियों और धर्मात्माओं ने समय-समय पर समाज को नई दिशा देने का कार्य किया है। गुरु रविदास जी भी ऐसे महान संतों में से एक थे, जिन्होंने समाज में समानता, सद्भाव और आपसी प्रेम की भावना को मजबूत किया। कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि गुरु रविदास जी को 'संत शिरोमणि' की उपाधि उनकी महान शिक्षाओं, उच्च आदर्शों और सिद्धांतों की बदौलत प्राप्त हुई।
मानवता को एकजुट करने का उद्देश्य
उन्होंने गरीब और जरूरतमंद लोगों को गले लगाया तथा समाज में एक-दूसरे की मदद करने का संदेश दिया। उनकी शिक्षाओं का उद्देश्य मानवता को एकजुट करना और समाज से भेदभाव को दूर करना था। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं आमजन को सच्चा जीवन दर्शन दिखाती हैं। उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु रविदास जी की जन्म भूमि की पावन मिट्टी को घर-घर तक पहुंचाने का पावन संकल्प लिया है।
पावन कलश वितरण और जन सहभागिता
यह अभियान पावन धाम काशी से गत गुरु पूर्णिमा से शुरू किया गया। अभियान के तहत यह कार्य पावन कलश वितरण कार्यक्रमों के माध्यम से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जन-जन तक संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी की अमर वाणी और दूरदर्शी सोच को पहुंचाना है। समारोह के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और समाज में भाईचारा एवं समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। कैबिनेट मंत्री ने समारोह में 30 श्रद्धालुओं को पावन कलश वितरित किए।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति
आयोजन समिति द्वारा स्मृति चिन्ह के रूप में गुरु रविदास जी का चित्र भेंट कर कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया गया। इस अवसर पर चेयरमैन मार्किट कमेटी अमित ढाकल, मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र प्रजापति, सत्यवान शर्मा, भीम दनौदा, नरेश सैनी रशीदा, सुरेश दनौदा, बलवान शाक्य, राजेंद्र मल्लू, पूर्व सरपंच धमतान जयपाल, कुलदीप कालवन, समाजसेवी रमेश नैन दिलबाग नैन हरनामपूरा मौजूद रहे। इसके अलावा गुरु रविदास सभा से संत विजेंद्र दास, प्रेम मास्टर, कैबिनेट मंत्री के निजी सहायक मनोज कुमार, मीडिया प्रभारी संजय बल्हारा, जसवीर नैन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, गुरु रविदास सभा के पदाधिकारी तथा भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।