नरवाना में किसानों और कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार बढ़ाए बातचीत की ओर कदम - बलजीत मांडी

नरवाना में संयुक्त किसान मोर्चे का धरना लगातार जारी है। लघु सचिवालय परिसर में संयुक्त किसान मोर्चे का 1576वें दिन का धरना बलराज फरैण की अध्यक्षता में जारी रहा। इस धरने का संचालन बलदेव ढाकल ने किया।
किसान नेता बलजीत मांडी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। किसान नेता बलजीत मांडी ने कहा कि सरकार के तानाशाही रवैये तथा गलत नीतियों के कारण केवल किसान ही परेशान नहीं हैं। उन्होंने बताया कि नगरपरिषद के सफाई कर्मचारी व दमकल कर्मचारी भी सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार की हठधर्मिता के कारण इन कर्मचारियों को अपनी हड़ताल को आगे बढ़ाना पड़ रहा है।
हड़ताल से व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव से सरकार बेपरवाह है। हड़ताल से व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है, इससे सरकार को कोई मतलब नहीं है। ऐसी ही हठधर्मिता के कारण बिजली कर्मचारियों के आंदोलन के आगे सरकार को अपने पीछे कदम रखने पड़े थे।
सरकार को बातचीत का रास्ता तैयार करना चाहिए। जब सरकार को यह अच्छी तरह पता है कि किसी भी मसले का समाधान केवल बातचीत से ही संभव है, तो फिर सरकार इस ओर कदम क्यों नहीं बढ़ा रही है। इसलिए सरकार को तुरंत बातचीत का रास्ता तैयार करना चाहिए।
मजदूरों और कर्मचारियों की जायज मांगें मानी जानी चाहिए। सरकार को किसान, मजदूर, कर्मचारी व अन्य वर्गों की जायज मांगें मान लेनी चाहिए। ऐसा करने से इन वर्गों को लंबे व तेज आंदोलन की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
धरने के दौरान कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस मौके पर बलवंत चौपड़ा, साधुराम कर्मगढ़, दिनेश, गंगादत्त, हवासिंह, सत्ता, बलदेव, सतबीर खरक, चंदा, प्यारे लाल, बदन सिंह, सतबीर बडऩपुर, नफे सिह, सतबीर गोयत और सेवा नंबरदार प्रमुख रूप से मौजूद रहे।