नरवाना में मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस, मोहन लाल बड़ौली ने फहराया तिरंगा

देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर नरवाना की नई अनाज मंडी मेला ग्राउंड में उपमंडल स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह हर्षोल्लास, गरिमा और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ संपन्न हुआ। इस समारोह में हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहन लाल बड़ौली ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
इस अवसर पर कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं: - मुख्य अतिथि मोहन लाल बड़ौली ने वंदे मातरम गीत के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया। - ध्वजारोहण के बाद उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और परेड की सलामी ली। - कार्यक्रम से पहले उन्होंने नवदीप स्टेडियम में शहीदी स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किए। - शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों को नमन किया गया।
परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
समारोह में परेड कमांडर पीएसआई मोहित के नेतृत्व में परेड की विभिन्न टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया। एएसआई सतपाल सिंह प्लाटून कमांडर के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस सशस्त्र बल ने मार्च किया। एसडी महिला महाविद्यालय नरवाना की परेड प्लाटून कमांडर कुमारी सुजाता ने हिस्सा लिया। ज्ञानेंद्र पब्लिक स्कूल कालवन की परेड प्लाटून कमांडर कुमारी जैस्मिन और सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल नरवाना की कुमारी एजैंल के नेतृत्व में बैंड ने धुन बिखेरी। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्र व छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को किया गया याद
चेयरमैन मोहन लाल बड़ौली ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है। यह उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है। उनके संघर्ष के परिणामस्वरूप देश को वर्ष 1947 में अंग्रेजी शासन से मुक्ति मिली थी। उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती वीरता, त्याग और देशभक्ति की गौरवशाली परंपरा के लिए जानी जाती है। देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे वीर जवानों के साहस और बलिदान को राष्ट्र सदैव नमन करता रहेगा।
विकसित भारत और विकसित हरियाणा का संकल्प
उन्होंने कहा कि आज भारत आत्मनिर्भरता, नवाचार और आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार 'विकसित भारत के साथ विकसित हरियाणा' के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही निवेश बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और आधुनिक आधारभूत ढांचा विकसित करने पर भी काम हो रहा है।
अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का प्रयास
चेयरमैन बड़ौली ने कहा कि सरकार के लिए विकास का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं है। विकास का अर्थ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। गरीब, किसान, महिला और युवा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की व्यवस्था की गई है। कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधीकरण, प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
गरीब परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना और बेटियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना चलाई जा रही है। पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के माध्यम से पांच लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा मिल रही है। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आगे बढ़ाने के अवसर दिए जा रहे हैं।
नशामुक्ति और हरित परिवहन पर जोर
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र और हरियाणा को विकसित राज्य बनाने में युवा शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में भागीदारी का आह्वान किया। जींद से सोनीपत के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन स्वच्छ परिवहन की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। अंत में उन्होंने सभी से राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने की अपील की।