नरवाना के आरोही स्कूल में शिक्षक दिवस पर अनोखा कार्यक्रम, 'सवाल बच्चों के, जवाब अध्यापकों के' से बनी खास पहल

नरवाना के आरोही स्कूल में शिक्षक दिवस पर अनोखा कार्यक्रम, 'सवाल बच्चों के, जवाब अध्यापकों के' से बनी खास पहल

नरवाना के आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल नारायणगढ़ में शिक्षक दिवस बेहद खास रहा। इस अवसर पर विद्यालय में ‘सवाल बच्चों के, जवाब अध्यापकों के’ विषय पर एक ज्ञानवर्धक और संवादात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासाओं का खुलकर समाधान पाने का अवसर मिला।

विद्यार्थियों ने पूछे शिक्षा, विज्ञान और जीवन से जुड़े सवाल

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा, विज्ञान, इतिहास, राजनीति, मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन से जुड़े सवाल सीधे अध्यापकों से पूछने का मौका मिला। विद्यार्थियों ने बिना किसी झिझक के अपने मन में उठने वाली जिज्ञासाओं को अध्यापकों के सामने रखा। अध्यापकों ने बहुत ही सरल भाषा में सभी प्रश्नों के उत्तर दिए। इससे विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान हुआ और उन्हें बहुत ही उपयोगी मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ।

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

विभिन्न विषयों के शिक्षकों ने किया समाधान

कक्षा आठवीं के छात्र वंश ने राजाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। इन प्रश्नों का अर्थशास्त्र प्रवक्ता पवन कुमार और राजनीतिक विज्ञान प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार ने बहुत विस्तार से उत्तर दिया। विज्ञान से जुड़े सभी प्रश्नों का उत्तर जीव विज्ञान प्रवक्ता विकास गर्ग ने दिया। इसके साथ ही पंजाबी और हिंदी अध्यापिकाओं ने भी विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान किया और उन्हें जरूरी जानकारी प्रदान की।

नकारात्मक ऊर्जा और एकाग्रता पर हुई चर्चा

कक्षा नौवीं की छात्रा खुशप्रीत ने नकारात्मक ऊर्जा को कम करने के उपायों के बारे में सवाल किया। वहीं कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा हरप्रीत ने ध्यान भटकने से बचने और एकाग्रता बढ़ाने के उपायों की जानकारी मांगी। अध्यापकों ने दोनों ही विद्यार्थियों को बहुत ही व्यावहारिक और सकारात्मक सुझाव दिए। इस पूरी प्रक्रिया में अध्यापक केवल वक्ता की भूमिका में नहीं रहे, बल्कि वे मार्गदर्शक के रूप में नजर आए।

रिलैक्सिंग और लाफ्टर थेरेपी से महका माहौल

इस विशेष पहल की वजह से विद्यार्थियों में बिना झिझक सवाल पूछने का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया। कार्यक्रम के समापन पर राजनीतिक विज्ञान प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार ने सभी विद्यार्थियों को रिलैक्सिंग थेरेपी और लाफ्टर थेरेपी करवाई। इस गतिविधि से पूरे विद्यालय का माहौल हंसी-खुशी और सकारात्मक ऊर्जा से पूरी तरह भर गया। विद्यालय का यह पूरा आयोजन शिक्षक दिवस के अवसर पर गुरु-शिष्य संवाद की एक बेहद सार्थक पहल साबित हुआ। इस कार्यक्रम ने यह बड़ा संदेश दिया कि एक शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान नहीं देता, बल्कि विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करके उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की सही दिशा भी दिखाता है।

Share:

Comments

Leave a comment