कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर बावल में एनएसएस द्वारा नशा मुक्ति जागरूकता सत्र आयोजित

अटल हिन्द/मनोज गोयल। रेवाड़ी, 11 अगस्त। कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, बावल में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ‘नशा मुक्ति’ विषय पर एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 150 विद्यार्थी शामिल हुए थे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा।
डॉ. नरेश कौशिक के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. नरेश कौशिक, प्रिंसिपल कृषि महाविद्यालय बावल के मार्गदर्शन में किया गया। सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय बावल से बहन गीतमाला एवं बिंदु ने विद्यार्थियों को नशे के सामाजिक, मानसिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
नशे के दुष्प्रभावों की दी गई जानकारी
वक्ताओं ने अपने संबोधन में बताया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार, शिक्षा, करियर और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से पूरी तरह दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों और अध्यापकों ने ली नशा न करने की प्रतिज्ञा
सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने नशे से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की और वक्ताओं के साथ संवाद भी किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में उनकी भूमिका को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सत्र के अंत में सभी अध्यापकों और विद्यार्थियों ने नशा न करने की प्रतिज्ञा ली। कार्यक्रम के अंत में NSS समन्वयक अधिकारी डॉ. अमरजीत ने मुख्य वक्ताओं का आभार व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सभी स्वयंसेवकों ने नशे से हमेशा दूर रहने की शपथ भी ली।