ककराला दलित भाइयों पर कथित पुलिस अत्याचार मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग सख्त, पटियाला एसएसपी से 15 दिनों में मांगा जवाब

ककराला दलित भाइयों पर कथित पुलिस अत्याचार मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग सख्त, पटियाला एसएसपी से 15 दिनों में मांगा जवाब

चंडीगढ़, 5 सितंबर: ककराला कांड को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि गांव ककराला के दो दलित भाइयों के साथ हुए कथित पुलिस अत्याचार का मामला अब भगवंत मान की आम आदमी पार्टी सरकार के लिए केवल एक साधारण शिकायत नहीं रह गया है। यह मामला अब संवैधानिक जवाबदेही का एक बेहद गंभीर मामला बन चुका है।

परमजीत सिंह कैंथ ने जानकारी दी कि भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष शीतल अंगुराल के प्रभावशाली और कड़े हस्तक्षेप के कारण ही पीड़ित परिवार की आवाज़ सीधे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तक पहुंच पाई है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस मामले पर 4 सितंबर 2026 को संज्ञान लिया है। आयोग द्वारा पंजाब पुलिस से इस मामले में जवाब तलब किया गया है। यह कार्रवाई सीधे तौर पर सरकार के उन तमाम दावों पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है जिनमें यह कहा जाता है कि पंजाब में कानून और व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में है।

कैंथ ने आगे बताया कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत इस पूरे मामले की जांच और पड़ताल शुरू कर दी है। आयोग ने पटियाला के एसएसपी को नोटिस मिलने के ठीक 15 दिनों के भीतर अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट यानी कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इस मांगी गई रिपोर्ट में एफआईआर और उसमें लगाई गई तमाम धाराओं, आरोपियों की गिरफ्तारियों, चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट तथा पीड़ित परिवार को दिए गए मुआवजे का पूरा और विस्तृत विवरण शामिल करने के लिए कहा गया है।

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परमजीत सिंह कैंथ ने एक तीखा और सीधा सवाल उठाते हुए पूछा है कि यदि ककराला के इस पीड़ित परिवार की शिकायत पूरी तरह से बेबुनियाद थी, तो फिर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए इस मामले की जांच क्यों शुरू की? क्या अब राज्य की सरकार अपनी संवैधानिक जवाबदेही से भागने की कोशिश करेगी या फिर इस मामले के पूरे सच को जनता के सामने लेकर आएगी?

कैंथ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि दलित समाज के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के अन्याय पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा कभी भी चुप नहीं बैठेगा। शीतल अंगुराल जी के नेतृत्व में यह मोर्चा पीड़ितों की आवाज़ को हर संभव संवैधानिक और कानूनी मंच तक मजबूती से पहुंचाएगा। साथ ही यह मोर्चा भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को इस मामले में पूरी तरह से जवाबदेह भी बनाएगा।

भाजपा नेता ने यह भी चेतावनी दी है कि पीड़ित परिवार को डराने, धमकाने, दबाव बनाने या फिर किसी भी झूठे मामले में फंसाने की कोई भी कोशिश किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दलितों के साथ हो रहे किसी भी अन्याय पर मोर्चा चुप नहीं बैठेगा और हर स्तर पर पीड़ितों के हक के लिए आवाज़ उठाई जाएगी।

अंत में कैंथ ने यह जोरदार मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल प्रभाव से पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए। इसके साथ ही इस पूरे मामले की एक निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। यदि आरोप पूरी तरह से साबित होते हैं, तो सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। अब भगवंत मान की आम आदमी पार्टी सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि वह सीधे तौर पर पीड़ितों के साथ खड़ी है या फिर उन लोगों का साथ दे रही है जो कथित तौर पर पुलिस की ज्यादतियों को बचाने का काम कर रहे हैं।

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