समरसता समान सम्मान के साथ समाज की एकता का संस्कार: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने रेवाड़ी में 411 युवा प्रतिभाओं को किया सम्मानित

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रेवाड़ी प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि समरसता कोई एक दिन का आयोजन नहीं है। यह जीवन जीने का एक महत्वपूर्ण संस्कार है। समरसता का वास्तविक अर्थ अपनी पहचान को मिटाना बिल्कुल नहीं है। इसका अर्थ प्रत्येक पहचान का समान सम्मान करते हुए समाज और राष्ट्र की एकता को और अधिक मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी समरसता, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकजुटता की भावना को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र से प्रेरणा लेकर हरियाणा सरकार अंत्योदय के लक्ष्य के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को रेवाड़ी जिला के बावल हल्के में मेघवाल उत्थान समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम समस्त अनुसूचित जाति का समरसता सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह था जिसमें मुख्यमंत्री बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 411 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया। इस विशेष कार्यक्रम में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण यादव, कोसली के विधायक अनिल यादव और पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल सहित आयोजन समिति के कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
विद्यार्थियों के लिए सरकारी योजनाएं और छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का यह कड़ा प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे के सपनों में बाधा न बने। इसी मुख्य उद्देश्य के तहत 2.50 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग दी जा रही है। इसके अलावा डॉ. अम्बेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत 8 से 12 हजार रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। पोस्ट मैट्रिक विद्यार्थियों को 2,500 से 13,500 रुपये तक शैक्षणिक भत्ता और अनिवार्य फीस की सुविधा दी जा रही है। नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को 3,500 रुपये तथा छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को 7 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है।
सरकार की इन योजनाओं के तहत 9,090 विद्यार्थियों को 3 करोड़ रुपये की लागत से मुफ्त साइकिलें वितरित की गई हैं। साथ ही कक्षा पहली से आठवीं तक के 4.02 लाख विद्यार्थियों को कुल 44.18 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मिशन बुनियाद के तहत करीब 400 बच्चों को डिजिटल कोचिंग दी गई थी। इनमें से 272 बच्चों का चयन आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में हुआ है तथा 61 बच्चों का चयन नीट में हुआ है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब प्रतिभाओं को सही मंच मिलता है तो वे अपना प्रभाव अवश्य दिखाती हैं।
अहीरवाल क्षेत्र के विकास में बड़ा बदलाव
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से अहीरवाल क्षेत्र की विकास तस्वीर में बहुत बड़ा बदलाव आया है। पहले के समय में विकास और रोजगार केवल कुछ ही क्षेत्रों तक सीमित रहने की शिकायतें आम थीं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की सच्ची भावना के साथ पूरे प्रदेश में समान रूप से विकास कार्यों को तेज गति दी है।
अंत में मुख्यमंत्री ने अनुसूचित एवं सामाजिक समरसता प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान मेघवाल समाज की 411 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इन सभी होनहार विद्यार्थियों ने शिक्षा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और खेल सहित विभिन्न विभिन्न क्षेत्रों में अत्यंत उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इन होनहारों ने इन उपलब्धियों के माध्यम से पूरे समाज और अपने प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।