कांग्रेस का एजेंडा केवल झूठ बोलना और आरोप लगाना है: सीएम नायब सैनी

चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कांग्रेस का एजेंडा पहले से पूरी तरह तय होता है। कांग्रेस पार्टी सदन के अंदर किसी भी प्रकार के तथ्यों को सुनने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं रहती है।
कांग्रेस के नेताओं ने यह बड़ा आरोप लगाया था कि उन्हें सदन के अंदर आने से रोका गया है और उनका अपमान किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष के किसी भी सदस्य को सदन में आने से बिल्कुल नहीं रोका गया था और न ही किसी भी सदस्य का कोई अपमान किया गया था। सभी सदस्यों को पूरे सम्मान के साथ सदन के अंदर आने की अनुमति दी गई थी।
मुख्यमंत्री गुरुवार को हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन के दौरान बोल रहे थे। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और डॉक्टर रघुबीर कादियान ने यह आरोप लगाया था कि उन्हें सदन में आने से रोका गया था और उन्हें धक्का दिए जाने जैसी घटनाएं हुई थीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इन्हीं सभी आरोपों का जवाब सदन में दे रहे थे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्हें इस बात का बहुत दुख है कि कांग्रेस सदन के अंदर कुछ भी सही बात सुनने के लिए तैयार नहीं होती है। इनका एजेंडा पहले से तय होता है और वे केवल उसी के हिसाब से सदन में खड़े होकर आरोप लगाते हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह भी बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी वरिष्ठ नेताओं को काले कपड़े पहना दिए हैं। जबकि उनके इन वरिष्ठ नेताओं की उम्र ऐसे काले कपड़े पहनने की बिल्कुल भी नहीं है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस सदस्यों से किसी ने भी कुछ नहीं कहा था। बल्कि उन सभी को पूरे सम्मान के साथ सदन के अंदर आने दिया गया है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने झूठ बोलने का एक पक्का एजेंडा तय कर रखा है। ये लोग केवल झूठ बोलते हैं और दूसरों पर बेबुनियाद आरोप लगाते रहते हैं। यही इनका मुख्य काम है और इसके अलावा इनका और कोई भी दूसरा एजेंडा नहीं है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की पूरी जानकारी ले ली है। विपक्ष के द्वारा सदन में यह कहना कि उन्हें कोई चोट पहुंचाई गई है या उनके साथ किसी तरह की धक्का-मुक्की की गई है, यह बात पूरी तरह से सफेद झूठ है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष को एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष महोदय सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ के सदस्यों को अपने चैंबर में बुला लें। इसके बाद इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो फुटेज को मंगवाकर उसकी निष्पक्ष जांच करवा ली जाए। वीडियो के अंदर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनसे पूरी स्थिति और दूध का दूध पानी का पानी सच स्पष्ट हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह से सदन को हमेशा सुचारू रूप से चलने दिया जाना चाहिए। क्योंकि प्रदेश की आम जनता सब कुछ अपनी आँखों से देख रही है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि यह महान सदन केवल और केवल चर्चा करने और आपस में संवाद करने के लिए बना है। यदि सदन के किसी भी सदस्य को किसी भी विषय पर कोई आपत्ति या समस्या है, तो वह सदस्य सदन के अंदर उस विषय पर खुलकर चर्चा कर सकता है। सरकार ऐसी हर बात का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार रहती है।
उन्होंने अंत में कहा कि जिस प्रकार का बेवजह का शोर-शराबा सदन के अंदर किया जा रहा है, वह रवैया न तो विपक्ष के लिए किसी भी तरह से उचित है और न ही यह सदन की गरिमा के अनुकूल है। प्रदेश की जागरूक जनता सब कुछ बहुत ध्यान से देख रही है। जनता को पता है कि क्या सही है और क्या गलत है। जनता ने पहले विपक्ष का पुराना कार्यकाल भी बहुत अच्छी तरह से देखा है। और जनता अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार का कार्यकाल भी बहुत अच्छी तरह से देख रही है।