इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज लाडवा में एन.सी.सी. कैडेट्स की चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न

लाडवा के इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज में एन.सी.सी. (आर्मी विंग) कैडेट्स की चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई है। चयन प्रक्रिया का आयोजन 10 हरियाणा बटालियन एन.सी.सी., कुरुक्षेत्र से पहुंचे हवलदार कल्याण रौलेटा द्वारा किया गया था। इस चयन प्रक्रिया में कुल 37 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें से 18 उत्कृष्ट कैडेट्स का चयन किया गया है। कैडेट्स का यह चयन उनकी शारीरिक संरचना, शारीरिक दक्षता, सामान्य ज्ञान, रक्षा संबंधी ज्ञान तथा साक्षात्कार के आधार पर किया गया है।
कॉलेज प्राचार्य का संबोधन
कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) कुशल पाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एन.सी.सी. केवल एक संगठन नहीं है। यह अनुशासन, नेतृत्व, चरित्र निर्माण एवं देश भक्ति की पाठशाला है। उन्होंने एन.सी.सी. अधिकारी के रूप में अपने लगभग 15 वर्षों के अनुभव को साझा किया। उन्होंने संगठन के प्रति अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव को व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों को देशभक्ति, अनुशासन और समर्पण की भावना अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एन.सी.सी. सदैव राष्ट्रीय सेवा में अग्रणी रही है। युद्धों एवं प्राकृतिक आपदाओं सहित विभिन्न परिस्थितियों में कैडेट्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विद्यार्थियों को एन.सी.सी. के माध्यम से राष्ट्र सेवा के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने के लिए भी प्रेरित किया।
चयन प्रक्रिया का संचालन
एसोसिएट एन.सी.सी. अधिकारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) कुलदीप सिंह ने एन.सी.सी. बटालियन के पदाधिकारी के साथ मिलकर चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से सम्पन्न करवाया। उन्होंने एन.सी.सी. बटालियन के पदाधिकारी हवलदार कल्याण रौलेटा के साथ मिलकर यह कार्य किया। इस दौरान विद्यार्थियों की शारीरिक फिटनेस, सामान्य ज्ञान एवं रक्षा संबंधी ज्ञान का परीक्षण तथा साक्षात्कार आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के बी एवं सी प्रमाण-पत्र धारक तथा श्रेणी के एन.सी.सी. कैडेट्स उपस्थित रहे। इसके अलावा एन.सी.सी. क्लर्क श्री रवीन्द्रनाथ शर्मा ने भी चयन प्रक्रिया को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अंत में, महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. कुशल पाल ने चयनित कैडेट्स को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने एन.सी.सी. अधिकारियों एवं महाविद्यालय के स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे एन.सी.सी. के माध्यम से सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति की भावना को आत्मसात करें। ऐसा करके वे समाज एवं राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बनें।