Thursday, June 27, 2019
 
BREAKING NEWS
सीएम साहब ! कैथल में रिटायर्ड अधिकारी और कर्मचारी दे रहे हैं भ्रष्टाचार को अंजाम : नरेंद्र सिंहतहसीलदार पर करोड़ों का प्लॉट 28 लाख में बेचने का आरोप, निगमायुक्त अनीता यादव ने एफआइआर दर्ज करने के लिए भेजा पत्र मामा थानेदार और भांजे की गुंडागर्दी, कोई विरोध करता है तो अपने गुट के 13-14 बदमाशों को बुलाकर पूरे परिवार को पिटवाता है कैलाश विजयवर्गीय के बदमाश विधायक बेटे को पुलिस ने किया गिरफ्तारबंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांगरोहतक में सीवरेज प्लांट की सफाई करने उतरे चार कर्मचारियों की मौतइनेलो के एकमात्र राज्यसभा सदस्य कश्यप ने भी थामा भाजपा का दामनएसपी और विधायक के बीच विवाद, थाना प्रभारी सस्पेंड, दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, दो होमगार्ड बर्खास्तकांग्रेस को लग सकता है बड़ा झटका, भाजपा में शामिल हो सकते हैं पूर्व मंत्री एसी चौधरी ?आधार कार्ड जालसाजी मामंला -स्कैन कर रखे थे विधायक के हस्ताक्षर और लेटर हेड

Rajasthan

सीएचसी तिजारा कब होगी समस्याओं से मुक्त जनरेटर है मगर डीजल नहीं, मरीज हैं मगर डाॅक्टर नहीं

October 21, 2018 07:33 PM
अटल हिन्द ब्यूरो

सीएचसी तिजारा कब होगी समस्याओं से मुक्त
जनरेटर है मगर डीजल नहीं, मरीज हैं मगर डाॅक्टर नहीं
आधी-अधूरी सफाई लगा रही पीएम के स्वच्छ भारत अभियान पर दाग
महिला विषेषज्ञ व नेत्र रोग विषेषज्ञ नहीं, बाहर से इलाज कराते है मरीज
लोगों को आरोप: खांसी की दवा तक उपलब्ध नहीं


धनेष विद्यार्थी, अलवर, राजस्थान:

जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिजारा इन दिनों कई प्रकार की समस्यों को झेल रहा है। विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने के बाद मरीजों को काफी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं मगर इनका अंत कब होगा, कोई नहीं जानता। यह केंद्र कई समस्याएं विभाग के लिए बीमारियां बन गई हैं, जिन्हें अब इलाज की सख्त जरूरत है मगर ऐसा करने वाला कोई नहीं।
इस सीएचसी में जहां मरीज हैं मगर पर्याप्त चिकित्सक नहीं। एक माह से यहां तैनात चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल रहा। इसकी वजह किसी भी चिकित्सक के पास डीडी पावर नहीं। यहां मरीजों की सुविधा के लिए सरकार ने जनरेटर उपलब्ध कराया हुआ है मगर बिजली गुल हो जाने के बाद यह जनरेटर सफेद हाथी बन जाता है। विभागीय चिकित्सकों के पास इस चलाने के लिए डीजल खरीदने का पैसा नहीं है। अब यह स्थिति मरीजों को लगातार परेषान कर रही है। प्रसूती वार्ड में गर्भवती महिलाओं के बैड पर साफ चादर उपलब्ध नहीं। शनिवार को यहां कई बैड पर चादर और दो-तीन चिकित्सक अपनी डयूटी से गायब मिले।
अस्पताल परिसर में डस्टबिन गंदगी से भरे थे और आधी-अधूरी का नजारा साफ दिख रहा था। अस्पताल के बरामदे में कर्मचारियों ने अपनी बाइक खड़ी की हुई थी। शनिवार की दोपहर तक बिजली गुल होने की वजह अधिकांष कमरों में बत्ती गुल रही। स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं को लेकर चिकित्सक और कर्मचारी दबी जुबान में काफी कुछ बातें कह रहे हैं। सीएचसी तिजारा के प्रभारी की नियुक्ति अथवा किसी चिकित्सक को डीडी पावर नहीं मिलने की वजह से यहां अपने मियां घर नहीं, हमें किसी का डर नहीं, कहावत सही साबित हो रही है।
इस स्वास्थ्य केंद्र में मंजूरषुदा पदो ंके मुताबिक चिकित्सक तैनात नहीं होने की वजह से यहां मरीजों को अपना इलाज कराने में भी परेषानी हो रही है। महिला चिकित्सक नहीं होने की वजह से महिला मरीजों, नेत्र विषेषज्ञ नहीं होने की वजह नेत्र रोगियों को खास तौर पर परेषानी है। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद यहां चिकित्सकों की नियुक्ति और डीडी पावर के आदेष जारी करने का काम रूका हुआ है। इस संबंध में सीएचसी तिजारा की ओर से आधा दर्जन बार स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पत्र व्यवहार करके उनसे डीडी पावर आवंटित करने के आग्रह किया गया मगर अब तक परिणाम षून्य रहा है।
उक्त केंद्र के कार्यवाहक चिकित्सा अधिकारी डाॅ. वीर सिंह ने बताया कि मरीजों का इलाज करना चिकित्सकों का पहला कर्तव्य है और उसे सभी चिकित्सक निभा रहे हैं। चिकित्सकों की कमी दूर करना सरकार का काम है। सरकार की ओर से उपलब्ध दवाएं मरीजों को बांटी जा रही है। जनरेटर को चलाने के लिए डीजल के लिए पैसा उपलब्ध कराए जाने के लिए सरकार को लिखित आग्रह किया गया है। जैसे ही बजट आएगा, यह समस्या दूर हो जाएगी। सफाई व्यवस्था पहले से सुधरी है। अस्पताल परिसर में कुछ समय पूर्व तक वाहन चोरी की समस्या होती थी मगर पुलिस को षिकायत करने के बाद इसका समाधान हुआ है। इसके बावजूद कुछ कर्मचारी ऐसी वारदात होने के डर से अपनी बाइकें बरामदें में खड़ा करते हैं, उनको विभागीय तौर पर ऐसा नहीं करने की हिदायत दी जाएगी।
8 माह से खराब है एक्सरे-मषीन
उक्त केंद्र के कार्यवाहक चिकित्सा अधिकारी डाॅ. वीर सिंह ने साफ तौर पर कहा कि एक्सरे मषीन खराब होने की लिखित जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को काफी समय पहले दी गई थी। उसके बाद मषीन ठीक करने के लिए आए व्यक्ति ने इसे नाॅ रिपेयरएबल होने की रिपोर्ट दी, जोकि विभाग के उच्च अधिकारियों को भिजवा दी गई है। नई मषीन आने पर लोगों को एक्सरे की सुविधा मिल पाएगी। डीडी पावर उपलब्ध कराने का निर्णय उच्च अधिकारी करेंगे और चुनाव की वजह से यह मामला अटका हुआ है।

Have something to say? Post your comment