Saturday, August 24, 2019
 
BREAKING NEWS
अर्ली स्टेप प्री स्कूल में छोटे-छोटे बच्चों के साथ भाविप लाडवा ने मनाई जन्माष्टमीबाबैन में चोरों ने सैनेटरी की दुकान पर किया हाथ साफसंदीप गर्ग ने किया डायरिया ग्रस्त गांव का दौरासिवानी तहसील को हिसार जिले में शामिल करने की मांग को लेकर पाचवे दिन भी धरना जारी।"जूतम पजार" 'थप्पड़' और 'ठुमके' भाजपा के लिए खतरे की घंटी,कैथल और कुरुक्षेत्र जिलों का मिजाज दे गया चेतावनी घरौंडा में जन आशीर्वाद यात्रा का हुआ भव्य स्वागत, स्वागत के लिए उमड़े शहर व गांव के लोग, गद गद नज़र आये विधायक कल्याणभारत के धार्मिक उत्सवों से समुचा विश्व प्रभावित : डॉ. पवन सैनीकिसानों की आमदनी दोगुनी करने के दावे को हकीकत बनाना बेहद कठिन : दहियावातावरण को स्वच्छ रखने के लिये करें पौधारोपण : बड़शामीहिसार जिले के नेता राजनीति मे शिखर पर पहुंचे।

National

एससी-एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी से कोर्ट का इंकार ,19 फरवरी को होगी सुनवाई

January 30, 2019 02:29 PM
अटल हिन्द ब्यूरो

 

 
एससी-एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी से कोर्ट का इंकार , 19 फरवरी को होगी  सुनवाई 

 

 नई दिल्ली: (अटल हिन्द न्यूज )एससी-एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान को जोड़ने के लिए सरकार की ओर किये बदलाव पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट इस मामले में सरकार की ओर से दायर रिव्यू पिटीशन और एससी-एसटी एक्ट 2018 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर एक साथ 19 फरवरी को सुनवाई करेगा। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। उसके बाद केंद्र सरकार ने पुराना प्रावधान फिर जोड़ा। अब फैसले के खिलाफ सरकार की रिव्यू पिटीशन और कानून में बदलाव को चुनौती पर एक साथ सुनवाई होगी। पिछले 24 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट में सरकार की ओर से किये गए बदलाव के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार की ओर से किये गए संशोधन पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में एससी एसटी एक्ट के मामलों में तुरंत गिरफ्तारी के प्रावधान का विरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी लेकिन सरकार ने बदलाव कर रद्द किए गए प्रावधानों को फिर से जोड़ दिया। 7 सितंबर 2018 को याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निष्प्रभावी करने वाले संशोधन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। याचिका वकील प्रिया शर्मा और पृथ्वी राज चौहान ने दायर की है। याचिका में केंद्र सरकार के नए एससी-एसटी संशोधन कानून 2018 को असंवैधानिक बताया गया है। याचिका में कहा गया है कि इस नए कानून से बेगुनाह लोगों को फिर से फंसाया जाएगा। याचिका में मांग की गई है कि सरकार के इस नए कानून को असंवैधानिक करार दिया जाए। याचिका में मांग की गई है कि इस याचिका के लंबित रहने तक कोर्ट नए कानून के अमल पर रोक लगाए। केंद्र सरकार ने इस संशोधित कानून के जरिये एससी एसटी अत्याचार निरोधक कानून में धारा 18 ए जोड़ी है। इस धारा के मुताबिक इस कानून का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच की जरूरत नहीं है | न ही जांच अधिकारी को गिरफ्तारी करने से पहले किसी से इजाजत लेने की जरूरत है| संशोधित कानून में ये भी कहा गया है कि इस कानून के तहत अपराध करने वाले आरोपी को अग्रिम जमानत के प्रावधान का लाभ नहीं मिलेगा। 20 मार्च 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एससी एसटी अत्याचार निरोधक कानून में शिकायत मिलने के बाद तुरंत केस दर्ज नहीं होगा। डीएसपी पहले शिकायत की प्रारंभिक जांच करके पता लगाएगा कि मामला झूठा तो नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एफआईआर दर्ज होने के बाद अभियुक्त को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी से पहले सक्षम अधिकारी और सामान्य व्यक्ति की गिरफ्तारी से पहले एसएसपी की मंजूरी ली जाएगी।

Have something to say? Post your comment

More in National

अर्ली स्टेप प्री स्कूल में छोटे-छोटे बच्चों के साथ भाविप लाडवा ने मनाई जन्माष्टमी

बाबैन में चोरों ने सैनेटरी की दुकान पर किया हाथ साफ

संदीप गर्ग ने किया डायरिया ग्रस्त गांव का दौरा

किसानों की आमदनी दोगुनी करने के दावे को हकीकत बनाना बेहद कठिन : दहिया

भगवान श्री कृष्ण के देश में प्लास्टिक और कचरा खाने पर मजबूर गायें?

लाडवा हल्का जल्द बनेगा पानी बचाने के लिए नंबर वन : पवन सैनी

लाडवा से इनैलो का विधायक बनने पर होंगे महिलाओं के सपने पूरे : बड़शामी

विकास के दावों के विपरित कच्ची पड़ी गली से परेशान है निरंकारी कालोनी के लोग

गरजा सिंह बने नमो नमो मोर्चा के जिला अध्यक्ष

राजीव गांधी की बदौलत हुआ था पंचायतों का सशक्तिकरण : संदीप गर्ग