Saturday, August 17, 2019
 
BREAKING NEWS
इनैलो को मिल रहा है छत्तीस बिरादरी के लोगों का भरपूर समर्थन : सपना बडशामीशहीद की पत्नी संग जोड़ा भाई-बहन का नाता 18 अगस्त को होने वाली परिवर्तन रैली में लाडवा हल्के से जांएगें हजारों कार्यकत्र्ता : मेवा ङ्क्षसह बाबैन में ऐतिहासिक होगा जन आर्शीवाद यात्रा का स्वागत : रीना देवीखिलाडिय़ों के लिए स्टेडियम व बेटियों के लिए कॉलेज बनवाना होगा प्राथमिकता : गर्गफंस गए भूपेंद्र हुड्डा,कांग्रेस छोड़ने के अलावा नहीं बचा कोई विकल्परॉकी मित्तल ने ग्योंग गांव में शिक्षा एवं खेल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सम्मानित कियाट्रक डाइवर व क्लीनर को बंधक बना ट्रक लेकर फरार, केस दर्जपंजाबी वर्ग की जनसँख्या के अनुसार राजनैतिक पार्टी दे टिकटें: अशोक मेहता। वीर सम्मान मंच कैथल के द्वारा अटारी बॉर्डर पर मनाया गया रक्षाबंधन उत्सव:-

Haryana

धरोदी माईनर को भाखड़ा नहर से जोडऩे की मांग पर 11 गांवों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

June 20, 2019 05:42 PM
नरेन्द्र जेठी

धरोदी माईनर को भाखड़ा नहर से जोडऩे की मांग पर 11 गांवों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू 
ग्रामीणों की चेतावनी-पानी नहीं मिला तो भाखड़ा पर भी शुरू हो सकता है धरना
मांग पूरी न होने पर चुनाव का बहिष्कार व आत्मदाह करने की दी चेतावनी
नरवाना, 20 जून (नरेन्द्र जेठी) :: नरवाना हलके के दर्जनों गांवों की वर्षो पुरानी मांग धरोदी माईनर को भाखड़ा नहर से जोडऩे की मांग को लेकर वीरवार को धरोदी गांव में धरौदी माईनर संघर्ष समिति ने अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण ढंग से धरना शुरू कर दिया है। धरने में धरौदी, बेलरखा, खरल, फरैण क लां, फरैण खुर्द, कर्मगढ़, नैहरा, खानपुर, हमीरगढ़, लोन, कान्हाखेड़ा गांवों के मौजिज लोगों ने हिस्सा लेकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते प्रशासन नही जागा तो ग्रामीण भाखड़ा नहर पर भी धरना शुरू कर सकते है। वही कुछ ग्रामीणों ने तो आत्मदाह और चुनाव बहिष्कार की भी चेतावनी देकर सरकार को चेताया है। 
ग्रामीण अमित धरोदी, यशपाल, बल्ली राम, सतीश,  पलाराम, सुभाष, सुरजा, बलबीर, सतबीर बेलरखा, सतपाल कर्मगढ़,  वेदपाल, जगदीश नैन कान्हा खेड़ा, धर्मपाल खानपुर, मुकेश नंबरदार, खानपुर, प्रदीप, छोटू राम बेलरखा, रामनिवास धमतान, दयानंद प्रजापत, मियां , मंगतू राम, गोलू खानपुर, बारूराम, रामदत्त, बीरभान, दीपक, मोहित, रामनिवास धमतान, सुरजा फरैण, किताबा, बजीर, राहुल, सेठी, मीनू , कृष्ण, बीरेन्द्र, दीपक, विक्की महीपाल ने बताया कि धरोदी माईनर को भाखड़ा नहर से जोडऩे की मांग को लेकर पिछले कई वर्षों से 11 गांवों के लोग अधिकारियों व सरकार क े मंत्रियों के दफतरों के चक्कर काट रहें हैं। लेकिन लम्बे अर्से के बाद भी उनकी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका। लगभग 25 साल पहले इस माईनर का निर्माण करवाया गया था। माईनर को भाखड़ा से जोडऩे की भी पूरी तैयारी थी। लेकिन धरौदी माईनर को नरवाना हलके की राजनीति का हिस्सा बना दिया गया। राजनीती के चलतेे आज तक भी लोगों को भाखड़ा का पानी नसीब नहीं हो सका। लोगों ने बताया कि फिलहाल इस माईनर में मुदंडी हैड से पानी दिया जाता है। जो टेल तक नहीं पहुंचा पाता। माईनर में 45 दिन में एक सप्ताह पानी आता है लेकिन माईनर का पानी लोगों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाता है। जिस कारण इन 11 गावों के जलघर व खेत सुखे पड़े हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों की सिचाई के साथ-साथ इन गांवों में पीने के पानी का भी संकट पिछले कई वर्षों से बना हुआ है। लोगों ने कहा कि पशुओं के लिए पीने के लिए पानी नहीं। इसलिए 11 गांवों के लोगों ने मजबूरन धरना देकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ लड़ाई शुरू की है। धरने पर मोजूद लोगों ने मांग की है  कि सरकार जल्द से जल्द धरोदी माईनर को भाखड़ा से जोड़ कर लोगों की समस्याएं दूर करे। 

चुनाव का बहिष्कार व आत्मदाह करने की दी चेतावनी:-
किसान सतबीर धरौदी ने कहा कि अगर हमारे धरने के बाद भी हमें भाखड़ा से पानी नहीं मिला तो आत्मदाह करेगें ताकि उनके बलिदान से उनकी आने वाली पीढिय़ों को तो भाखड़ा का पानी मिल सके। ग्रामीण अमित धरौदी ने कहा कि धरौदी माईनर राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। इसलिए इन 11 गांवों के लोग विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेगें। अमित ने कहा कि राजनीतिक द्वेष के कारण ही हमें में आज तक भाखड़ा का पानी नहीं मिल सका। नेता अपनी नेतागिरी दिखाने के लिए हम लोगों को गुमराह करके हमारी मूलभूत सुविधाओं पर भी अपनी राजनीतिक रोटियां सेक तें हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। 

11 गांवों में बिमारियों का खतरा:-
धरने में बैठे लोगों ने कहा कि इन 11 गांवों में जमीनी पानी भी खराब है। जिसका टीडीएस बहुत ही ज्यादा है। लेकिन पानी का अन्य कोई स्त्रोत न होने के कारण लोग जमीन का जहरीला पानी पीने के लिए मजबूर हैं। टीडीएस ज्यादा होने के कारण लोग कैं सर जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। पशुओं में भी पानी के कारण बीमारियां बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने दावा किया कि जहरीले पानी के कारण अब तक सैंकड़ों लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं। इसलिए अब इन गांवों के लोगों ने निर्णय लिया है कि अगर उन्हे मरना ही है तो वे अपनी आने वाली पीढिय़ों के लिए शुद्ध पानी की पूर्ति करके मरेगें, न कि उन्हे जहरीला पानी देकर। 

Have something to say? Post your comment

More in Haryana

शहीद की पत्नी संग जोड़ा भाई-बहन का नाता

रॉकी मित्तल ने ग्योंग गांव में शिक्षा एवं खेल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सम्मानित किया

पंजाबी वर्ग की जनसँख्या के अनुसार राजनैतिक पार्टी दे टिकटें: अशोक मेहता।

वीर सम्मान मंच कैथल के द्वारा अटारी बॉर्डर पर मनाया गया रक्षाबंधन उत्सव:-

मनोहर लाल ने स्वर्गीय स्नेहलता के निधन पर जताया शोक

अमित शाह ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की जमकर तारीफ की, दिये 10 में से 10 नंबर

स्व. अटल बिहारी की प्रथम पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजली

लाडवा के अनेक स्कूलों में धूमधाम से मनाया गया 73वां स्वतंत्रता दिवस

लाडवा की श्री अग्रवाल सभा ने शहर के महाराजा अग्रसेन चौंक पर धूमधाम से मनाया 73वां स्वतंत्रता दिवस

एसडीएम घरौंडा गौरव कुमार ने किया ध्वजारोहण, परेड की ली सलामी